तिलाड़ी कांड के नायक के गांव की ऐतिहासिक कहानी...नहीं लगता प्रधान का बक्सा

BARKOT (UTTARKASHI) : पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। गांवों में चुनावी शोर के बीच जहां लोग रणनीति बनाने में जुटे हैं। विरोधी को पटखनी दने की योजनाएं बना रहे हैं। कसमें खाई जा रही हैं। वोट की खातिर चाचा-भतीजे एक-दूसरे के दुश्मन बनने को तैयार हैं। लोग जाति-बिरादरी से लेकर नाते-रिश्तेदारों की कस्में खा रहे हैं। वहीं, तिलाड़ी कांड के नायक और जन आंदोलनों के नेता स्व. दया राम रवांल्टा के गांव में पिछले 70 सालों में कभी ग्राम प्रधान के चुनाव हुए ही नहीं। 


जब भी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों की बात आती है, तो लोग भी चुनावी तैयारियों में जुट जाते हैं। चुनाव की सुगबुगाहट से ही गांव में गुप-चुप बैठकों का दौर शुरू हो जाता है। एक-दूसरे का मात देने की चालें बनने शुरू हो जाती हैं। कोई किसी को नीचा दिखाने के लिए दूसरे के साथ जा मिलता है, तो कोई सिर्फ इसलिए दूसरे को प्रधान बनाना चाहता है कि उनके सारे काम आसानी से हो जाएंगे। 

इन बस हथकंडों से अलग उत्तरकाशी के नौगांव ब्लाक का कंसेरू गांव भी है, जहां लोगों को इस बात चिंता कभी नहीं सताती किसी को वोट देंगे तो दूसरे के साथ रिश्ते खराब हो जाएंगे। किसी को ठेस पहुंचेगी। उनको यह नहीं सोचना पड़ता है कि इस बार वोट किसको देना हैं। गांव मे प्रधान के चुनाव आजादी के बाद से आज तक कभी भी प्रधान के चुनाव नहीं हुए। और तो और पिछले कुछ समय से क्षेत्र पंचायत सदस्य भी निर्विरोध चुने गए। दो बार जिला पंचायत के लिए भी गांव ने निर्विरोध कैंडिडेट उतारा। गांव की एकता के पूरी रवांई घाटी में उदाहरण दिये जाते हैं।
 
अब तक के निर्विरोध प्रधान 

.अमर सिंह राणा, 15 साल
.विक्रम सिंह राणा, कार्यवाह
(अमर सिंह की मौत के 6 माह के लिए)
.गुलाब सिंह राणा, पांस साल
.जोत सिंह रंवाल्टा, 10 साल
.गजेंद्र सिंह राणा, साल 
.सोबन देई राणा, पांच साल तक (पहली महिला प्रधान)
.शैला देवी, 5 पांच साल
.रविन्द्र राणा, 5 पांच साल
.आनंदी, 5 पांच साल (पहली अनुसूचित जाति महिला प्रधान)

क्षेत्र पंचायत सदस्य
.विजय लक्ष्मी रावत रवांल्टा, पांच साल
.जगदीश रावत, 5 पांच साल
.विजय लाल भारती, 5 पांच साल
.शकुंतला राणा, 5 पांच साल

 
                                                                                                    ...प्रदीप रावत (रवांल्टा)
तिलाड़ी कांड के नायक के गांव की ऐतिहासिक कहानी...नहीं लगता प्रधान का बक्सा तिलाड़ी कांड के नायक के गांव की ऐतिहासिक कहानी...नहीं लगता प्रधान का बक्सा Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Saturday, September 21, 2019 Rating: 5

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