सरकार को सुप्रीमकोर्ट में भी मिलेगी मजबूत चुनौती : कवींद्र ईष्टवाल

देहरादून: पंचायतें देश की आधार शिलाएं हैं, जिन पर आश्रित होकर आज भी देश की आधी आबादी जीविकोपार्जन के लिए लगातार संघर्षरत है। पंचायतों को दिए गए अधिकारों और नियमों में किसी भी स्तर पर बदलाव सीधे-सीधे विकास की लाईन में हाशिए पर खड़े आम आदमी के साथ एक धोखा है। सामाजिक कार्यकर्ता कवींद्र ईष्टवाल ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। अगर सरकार सुप्रीमकोर्ट जा रही है, तो वहां भी केस मजबूती से लड़ा जाएगा।


आज पहाड़ पलायन का दंश झेल रहा है ऊपर से भाजपा सरकार के तानाशाही भरे फैसले पलायन को और बल देने का कार्य कर रही है। सरकार का काम जनता के हितों की रक्षा करना, उसे संरक्षण देना है न कि उनका हनन करना। पंचायतों को लेकर जिस तरह से भाजपा सरकार ने बच्चों की बाध्यता बांधकर आम जनता की सहभागिता को खत्म करने का प्रयास किया वह बेहद निंदनीय है। 

इस सम्बन्ध में माननीय उच्च न्यायालय में हमारे द्वारा  जनहित याचिका दायर की गई थी। जिस पर आज फैसला जनता के हित में आया और अब तीन बच्चे वाले भी पंचायत चुनाव में प्रतिभाग कर सकते हैं। भाजपा सरकार जब जब दमनकारी नीति अपनाते हुए असंवैधानिक फैसले लेती रहेगी हम हमेशा उसका विरोध करेंगे और उसके खिलाफ संघर्षरत रहेंगे। 


सरकार को सुप्रीमकोर्ट में भी मिलेगी मजबूत चुनौती : कवींद्र ईष्टवाल सरकार को सुप्रीमकोर्ट में भी मिलेगी मजबूत चुनौती : कवींद्र ईष्टवाल Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, September 19, 2019 Rating: 5

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