NRC के बहाने मूल निवास कानून की बात

राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानि एनआरसी। देश की रक्षा और सुरक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी उत्तराखंड के असली मूल निवासियों और स्थाई निवासियों के अधिकार भी हैं, जिन पर राजनीतिक दलों ने सरकरों में रहते हुए अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए खुले बाजार की वस्तु बनाकर रख दिया। दरअसल, एनआरसी के बहाने ये जानना भी जरूरी है कि उत्तराखंड को अपना मूल निवासी कानून होना चाहिए। मूल निवासी होने का संबंध भी सीधा-सीधा नागरिकता से ही है। 


 उत्तराखंड को लेकर चिंता

उत्तराखंड में पहले 26 जनवारी 1950 तक उत्तराखं डमें रह रहे लोगों को मूल निवासी माना जाता था। लेकिन बाद में राजनीति दलों ने इस मसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि राज्य निर्माण के दिन यानि ना नवंबर 2000 तक जो लोग राज्य में निवास कर रहे थे, वही मूल निवासी माने जाएंगे। सवाल यह है कि आखिर कैसे उन लोगों को मूल निवासी माना जा सकता है, जो केवल किराये के मकानों में यहां रह रहे थे। बाहरी लोगों को उत्तराखंड में राज्य बनने की सुगबुगाहट के साथ ही शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में बाहरी लोग यहां चले आए थे और यहीं को होकर रह गए।

केवल मूल निवास नहीं, रोजगार भी सवाल

सवाल केवल मूल निवासी का नहीं। सवाल रोजगार का भी है। सरकार ने बाहरी लोगों को भी रोजगार के लिए योग्य माना है। जबकि लंबे समय से मांग चल रही है कि केवल उत्तराखंड के मूल निवासियों को ही राज्य सेक्टर में नौकरियां दी जाएं। राज्य में सबसे ज्यादा पलायान भी रोजगार के लिए ही होता है। सरकार को मूल निवासी कानून में संशोधन करना चाहिए। जिससे उत्तराखंड के मूल निवासियों को उनके अधिकार मिल सकें।

भू-कानून भी चाहिए

उत्तराखंड में हमेशा से भू-कानून की मांग उठती रही है, लेकिन सरकारों ने जनता की मूल भावना के विरुद्ध पहाड़ों में जमीनों की खरीद-फ्रोख्त की खुली छूट दी। वर्तमान भाजपा सरकार ने भी वही किया। सबसे आसान तरीका हिमाचल की तरह ही उत्तराखंड में भी भू-कानून लागू कर देना चाहिए। इसके तहत कोई भी बाहरी व्यक्ति उत्तराखंड में जमीन नहीं खरीद सकता। केवल मूल निवासी ही जमीन खरीद-बेच सकते हैं। सरकार को मौजूदा भू-कानून में संशोधन लाना चाहिए। हिमाचल और उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति भी एक जैसी ही है। 
                                                                            ...प्रदीप रावत (रवांल्टा)
NRC के बहाने मूल निवास कानून की बात NRC के बहाने मूल निवास कानून की बात Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Tuesday, September 17, 2019 Rating: 5

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