कुंजापुरी मेले में 'सरौं' की ठुमक की रहेगी धमक

  • पारम्पारिक विवाह शैली को मिलेगी नई पहचान

नरेन्द्रगर:  कुंजापुरी मेले में इस बार पारंपरिक गढ़वाली विवाह शैली की प्रस्तुति डिजिटल युवाओं में खाशी चर्चा का विषय बनी है। भिन्न-भिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक वेश भूषा में सजे बाराती, डोली में बैठी दुल्हन, बारात के साथ चलते निशाण, दूल्हे पर लहराता चंवर और साथ में तलवार बाजी करते सरौं इस विवाह के मुख्य आकर्षण होंगे। 

धर्मानन्द उनियाल राजकीय महाविद्यालय  नरेन्द्रगर इस बार कुंजापुरी मेले में इसी अंदाज में शामिल होगा। बारात के आगे जहां श्वेत पताका हर्ष एवं उल्लास का प्रतिनिधित्व करेगी वहीं बारात के पीछे पीछे लाल पताका बारात को  संरक्षण देते हुए चलेगी। डोली में बैठी दुल्हन टिहरी की नथ और शादी के लाल जोड़े में बारात की पारंपरिक शैली को दर्शाएगी। बारात की इस रंगत को निखारने के लिए भी विशेष तैयारियांं की गई हैं। 

महाविद्यालय के  छात्रों ने जहां इस बार गढ़वाल की संस्कृति को मेले में पारंपरिक तौर पर ही प्रस्तुत करने का मन बनाया है वहीं गढ़वाल के भूले बिसरे युद्ध शैली के नृत्य सरौं को बड़ा मंच देने का विचार बनाया है। नरेन्द्रगर में 29 सितंबर को आयोजित कुंजापुरी मेले में इस बार धर्मानन्द उनियाल राजकीय महाविद्यालय ने पारंपरिक विवाह के साथ ही युद्ध शैली के नृत्य 'सरौं ' को झांकी में शामिल करने की ठानी है। सर पर पगड़ी, मिरजई और चूड़ीदार सफेद सलवार के साथ ही पैरों में घुंघरुओं की ठुमक इस झांकी को ऐतिहासिक बनाएगी। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर जानकी पंवार के अनुसार गढ़वाल की संस्कृति को संरक्षित करने की जिम्मेदारी हम सबकी है। 

इसीलिए लिए हमने कालेज के बच्चों के लिए सरौं नृत्य की प्रशिक्षण की भी पूरी तैयारी की है। इसके लिए पौड़ी गढ़वाल के चौबट्टाखाल से विशेष सरौं बुलाये गए जिन्होंने शनिवार 20 सितंबर को कालेज परिसर में प्रस्तुति देने के साथ कि कॉलेज के छात्रों को प्रशिक्षण भी दिया। यह प्रशिक्षण कार्य फील गुड (भलु लगद) की महिला सरौं सानिया और अमीषा की ओर से महाविद्यालय के छात्रों को दिया गया। 

इस अवसर पर महाविद्यालय की संस्कृति परिषद की संयोजक डॉ. चंदा नौटियाल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि हम इस झांकी को एक बेहतर स्वरूप प्रदान कर सकें। प्रशिक्षण दिवस के इस अवसर पर फीलगुड संस्था के संजय बुड़ाकोटी, वंदना विष्ट, नेहा के अलावा महाविद्यालय के डॉ. अनिल नैथानी, डॉ. अनुराधा सक्सेना, डॉ. हिमांशु जोशी, डॉ. सुधा रानी, डॉ. विक्रम सिंह बर्त्वाल, डॉ. मनोज सुन्द्रियाल, मीनाक्षी काला, विशाल त्यागी, मुनेंद्र कुमार, भूपेंद्र, अजय  कैंतुरा, अंकिता भट्ट आदि उपस्थित रहे।
कुंजापुरी मेले में 'सरौं' की ठुमक की रहेगी धमक कुंजापुरी मेले में 'सरौं' की ठुमक की रहेगी धमक Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Saturday, September 21, 2019 Rating: 5

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