पति को बस पति रहने दो, प्रधान पति मत बनने देना

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का एलान हो गया है। पुरुषों के साथ महिलाएं उनके लिए आरक्षित सीटों पर तो चुनाव लड़ ही रही हैं। साथ ही अनारक्षित सीटों पर भी ताल ठोक रही हैं। अच्छी बात है। महिलाओं को आगे आना चाहिए। आ भी रही हैं, लेकिन उनके पीछे चुनाव प्रचार में खड़े उनके पति चुनाव प्रचार तक तो पीछे रहते हैं, चुनाव जीतते ही प्रधान पति के रोल में अपनी पत्नी को पीछे धकलेते हुए खुद आगे निकल आते हैं...। 


 
महिलाओं को इस बार संकल्प लेना चाहिए कि उन्होंने अपने पति को पति ही रहने देना है। प्रधानपति कभी नहीं बनने देना। जो काम करेंगी, अपने बूते करेंगी। वो खुद फैसले लेंगी, उनके पति उनके हिस्से को फैसला नहीं लेंगे। तय करें कि प्रधान चुनी गई हैं, तो वहीं प्रधान रहेंगी। प्रधान बनने के बाद पति को आगे कर खुद पीछे नहीं रहेंगी। लीड करेंगी। अपने पति को भी और अपनी ग्राम पंचायत को भी। 


सीनियर जर्नलिस्ट और महिला चिंतक वर्षा सिंह ने 14 सितंबर को महिला उत्तरजन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अलग-अलग उदाहरण देकर बताया कि कैसे प्रधान पति अपनी प्रधान पत्नियों को पीछे धकेलकर खुद आगे आ जाते हैं। जबकि समाज में सामान्यतौर पर जब भी कोई बात करते हैं, तो खुद को महिलाओं का हिमायती बताते नहीं थकते। उनको मानना है कि महिलाओं को खुद के अधिकारों के लड़ना चाहिए। मजबूती से मुकाबला बरना चाहिए। पति इसलिए नहीं होते के वो अपनी पत्नी के अधिकारों पर अपना अधिकार समझे। किसी भी महिला के अधिकार सिर्फ उसके अधिकार हो सकते हैं। किसी और के नहीं।  

यह स्थिति केवल प्रधानपतियों की नहीं, महिला क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों से लेकर विधासभा तक हैं। जहां महिलाओं के पति ही तय करते हैं कि उनका फैसला क्या होना चाहिए। अगर कोई महिला चुनाव लड़ने जा रही है, तो पहले उनको ये तय करना होगा कि अगर वो चुनाव जीतती हैं, तो वही सारे फैसले खुद लेंगी। किसी फैसले या काम के लिए सुझाव अपने पति से ले सकती हैं, जिन लोगों को वो प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनावी मैदान में उतरी, उनका सुझाव अधिक महत्वपूर्ण होगा। तय महिलाओं को करना है कि पतियों के लिए चुनाव लड़ रही हैं या खुद के लिए...। अपने गांव, क्षेत्र और जिले के लिए या फिर विधानसभा के लिए...।
...प्रदीप रावत (रवांल्टा)
पति को बस पति रहने दो, प्रधान पति मत बनने देना पति को बस पति रहने दो, प्रधान पति मत बनने देना Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Sunday, September 15, 2019 Rating: 5

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