चिवां के ग्रामीणों ने सीएम को भेजा दर्द भरा ज्ञापन, पेड़ों पर ही सड़ने लगा सेब, खाने-पीने के भी लाले

आराकोट: आराकोट क्षेत्र में भारी आपदा के बाद लोगों का बुरा हाल है। चिवां गांव में सेब पेड़ों पर ही सड़ने लगा है। जो सेब पेटियों में पैक है वो भी सड़ने की कगार पर है। कुछ सेब सड़ भी चुका है। पुलों के बनने की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। राशन समाप्त हो रहा है। गांव तक राशन पहुंचाना आसान नहीं है। रास्ते और सड़कों का हाल बुरा है। ग्रामीणों ने ज्ञापन के जरिये सरकार को अपना दर्द लिख भेजा है। 


ग्रामीणों ने सरकार से उनको जल्द मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल गांव में मुश्किलों का पहाड़ नजर आ रहा है। गांव में बिजली, पानी नहीं है। खाने-पीने के सामान की भी किल्ली है। राशन ला नहीं पा रहे हैं। नदी में अब भी पानी काफी ज्यादा है। लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 


लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या ये है कि उनको सबे कुछ पेटियों में बंद है। वो सड़ने लगा है। पेड़ों पर सेब तोड़ने लायक हो रहा है। आलम यह है कि सेब अब पेड़ों पर ही सड़कर खुद ही गिर जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ है। इस बार सेब की फसल काफी अच्छी थी। ग्रामीणों को भी उम्मीद थी की इस बार आमदनी अच्छी होगी, लेकिन आपदा ने सबकुछ तबाह कर दिया। 
चिवां के ग्रामीणों ने सीएम को भेजा दर्द भरा ज्ञापन, पेड़ों पर ही सड़ने लगा सेब, खाने-पीने के भी लाले चिवां के ग्रामीणों ने सीएम को भेजा दर्द भरा ज्ञापन, पेड़ों पर ही सड़ने लगा सेब, खाने-पीने के भी लाले Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, August 29, 2019 Rating: 5

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