ये जो अमीर हो रहे हैं, ये कौन हैं ?, गरीब तो आज भी गरीब है

हमारी आय 16 हजार रुपये बढ़ गई और हमें पता ही नहीं चला। ठीक वैसे ही जैसे विकास के होने का पता नहीं चल पाया। आज तक समझ नहीं आया कि जब गरीब और गरीब हो रहा है, तो ये कौन लोग हैं, जिनकी आय बढ़ रही है...? हममें से ज्यादातर की तनख्वा आज भी उतनी ही है, जितनी पहले थी। पिछले ढाई-तीन साल से नौकरियों का सूखा पड़ा है। सरकार ने उन सैकड़ों युवाओं को भी सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया, जिनके पास दो साल पहले तक नौकरी थी। किसानों से लेकर व्यापारी तक हर कोई परेशान है। व्यापार कम हो गया। फिर वो कौन हैं जो अमीर हो गए...?
 

इन सवालों का जवाब सरकार कभी नहीं देती। आर्थिक सर्वेक्षण में आय बढ़ने का आंकलन तो किया जाता है, लेकिन किस क्षेत्र और किस तरह के लोगों की आय बढ़ी, ये कभी नहीं बताया जाता। फिर भी हमें मुस्कराना चाहिए कि हमारी प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 98 738 रुपये हो गई है। आंकड़ों में हमारी अर्थव्यवस्था 2.45 लाख करोड़ की हो गई है, लेकिन क्या वास्तव में हमारी अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है। अगर हमारी अर्थव्यवस्था वाकई इतनी मजबूत है, तो फिर हम खुले बाजार से प्रत्येक तिमाही में लोखों, करोड़ों का कर्ज क्यों ले रहे हैं...?
 
सरकार विकास के दावे करती है। मुख्यमंत्री से लेकर विधायक तक विकास के नाम पर लोगों के साथ झगड़ा करने तक को तैयार रहते हैं। लेकिन, ताजा रिपोर्ट में जो आंकड़े सामने आये हैं, वो सरकार को आइना दिखाने के लिए काफी हैं। भाजपा सरकार के आने के बाद से लगातार विकास दर गिर रही है। फिर वो विकास कहां है, जिसके सरकार दावे कर रही है...? आंकड़ों की बात करें तो विकास दर 2016-2017 में 7.1 प्रतिशत, 2017-2018 में 7.2 फीसद रही। जबकि 2018-2019 में विकास दर गिरकर 6.8 फीसद हो गई है। 

एक और महत्वपूर्ण बात ये है कि प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा हरिद्वार और देहरादून में रहने वालों की बढ़ी है। सबसे आगे हरिद्वार है। जबकि पहाड़ी जिला रुद्रप्रयाग सबसे निचले पायदान पर है। सरकार को गिरती विकास दर की चिंता तो करनी ही चाहिए। साथ ही इस बात की भी चिंता करनी चाहिए कि प्रतिव्यक्ति आय केवल मैदानी जिलों में ही क्यों सिमट रही है...? पहाड़ के लोगों की प्रतिव्यक्ति आय क्यों नहीं बढ़ पा रही है...? सरकार को जरूर सोचना चाहिए कि जो अमीर होते जा रहे हैं, वो ठीक है, लेकिन जो लगातार गरीब होते जा रहे हैं, उनके लिए सरकार की क्या योजना है...? अमीर क्यों और अमीर होता जा रहा है, गरीब क्यों और गिरीब हो रहा है...?
 
                                                              ...प्रदीप रावत (रवांल्टा)
ये जो अमीर हो रहे हैं, ये कौन हैं ?, गरीब तो आज भी गरीब है ये जो अमीर हो रहे हैं, ये कौन हैं ?, गरीब तो आज भी गरीब है Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Sunday, August 04, 2019 Rating: 5

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