बारिश का कहर: नदी में बहकर आ रहे सिलेंडर और पालतू पशु, चमोली में तीन की मौत

चमोली: प्रदेश के पहाड़ी जिलों खासकर चमोली, रुद्रयाग और टिहरी में बारिश लोगों पर कहर बनकर बरस रही है। सबसे ज्याद नुकसान चमोली जिले में हुआ है। रविवार देर रात से हो रही तेज बारिश के कारण चमोली के बांजबगड़ में मां-बेटी और आली में एक लड़की की भारी मलबा आने के कारण मकान में दबकर मौत हो गई। आसमानी आफत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अलकनंदा नदी में लोगों को सिलिंडर, पालतू पशु और अन्य सामान बहता हुआ नजर आ रहा है। इस खतरनाक नजारे को देखकर लोग सहमे और डरे हुए हैं। 2013 की केदारनाथ जलप्रलय जैसा नजारा आंखों के सामने फिर से उभरकर आ रहा है। 


रविवार रात से हो रही बारिश की वजह से चमोली जिले के घाट विकास खंड में भारी बारिश के कारण जनजीवन पटरी से उतर गया है। बांजबगड़ गांव में आवासीय मकान के पीछे हुए भूस्खलन के कारण रूपा देवी उनकी बेटी चंदा की मलबे में दबने से मौत हो गई। बांजबगड़ गांव के ही आली तोक में 21 की भी मलबे में दबने से मौत हो गई। जिले के कर्णप्रयाग, गौचर, आदिबदरी, गैरसैंण, नारायणबगड़, थराली और देवाल में रविवार से ही लगातार बारिश का दौर जारी है। दो दिन पहले भी क्षेत्र में बारिश ने तबाही मचाई थी। थराली के बज्वाड़ गांव में आवासीय मकानों में पहाड़ से आया बलबा घुस गया। लोगों को अपने घर छाड़ने पड़े। 

घाट बाजार में चुफलागाड़ और नंदाकिनी के उफान पर आने से तीन दुकानें बह गईं। घाट-बांजबगड़ मोटर मार्ग पर गरणी गांव में पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण दो वाहन और एक मकान मलबे में दब गए हैं। गनीमत रही कि किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। मोख घाटी में मोक्ष नदी के उफान पर आने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के चलते नदी किनारे के घरों और होटलों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
बारिश का कहर: नदी में बहकर आ रहे सिलेंडर और पालतू पशु, चमोली में तीन की मौत बारिश का कहर: नदी में बहकर आ रहे सिलेंडर और पालतू पशु, चमोली में तीन की मौत Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Monday, August 12, 2019 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.