"हिल तो टाॅप लागेलू": उमा दीदी को टाॅप लगा या फेल, त्रिवेंद्र जी बताएंगे

हिल तो टाॅप लागेलू। लोगों की खोपड़ी में कुछ आत ही नहीं। दारू वालों ने नाम भी हिलटाॅप रखा है। देख लेना करेगी भी टाॅप ही। इस बार तो नहीं, पर अगली बार सब जगह टाॅप पर हिलटाॅप ही नजर आएगी। तब आपको त्रिवेंद्र जी की बात का लोहा मानना पड़ेगा। ये जो दारू है ना, नीचे नहीं उतरेगी। ऊपर ही चढ़ती जाएगी। सीधे टाॅप पर। मतलब पहाड़ पर। 

अब नई बात बताते हैं। उमा दीदी को तो आप जानते ही होंगे। साध्वी उमा भारती। सच बोलना तो कोई उनसे सीखे। टीवी पर बोल रही थी कि अपनी सरकार है, तो उनको हम प्यार से बोल देते हैं। दूसरों की होती है, तो जोर से डांट देते हैं। वैसे फार्मूला अच्छा है। उनसे पूछा कि आप क्या बोलीं...? दीदी ने कहा नहीं बताऊंगी। जाओ त्रिवेंद्र से पूछ लो। उनको भी पता होगा कि त्रिवेंद्र जी तो कुछ बताएंगे नहीं। मैं अपना पीछा छुड़ा लेती हूं। उन्होंने छुड़ा भी लिया। बाकी जय सीता-राम। 


 
आज से सीएम साहब विभागों की समीक्षा करेंगे। साहब बाॅस हैं। कर सकते हैं। वरना...वो तो अपने विभाग में ही फेल हैं। स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी का हाल तो सब जानते ही हैं। समीक्षा तो पहले भी कर चुके हैं। पर ये किसी को पता नहीं कि समीक्षा के बाद हुआ क्या ? इस बार भी पहले जैसा ही होगा। अखबारों में हेडिंग छपेगी। सीएम ने की विभागों की समीक्षा...लगाई कड़ी फटकार...। वास्तव में होता भी इतना ही है। इधर, हिलटाॅप हिल के हर टाॅप पर पहुंचने को तैयार है। उधर, रावत जी आबकारी विभाग समीक्षा करने की तैयारी में। बाकी आप जानते ही हैं। 

बस्ती-बस्ती, वोट-वोट। कुछ याद आया या नहीं। नहीं आया तो हम याद दिलाते हैं। होईकोर्ट ने विधानसभा चुनाव से पहले नदी में बनी बस्तियों को तोड़ने का आदेश दिया था। सरकार वोट अध्यादेश लाई। आजकल फिर से उस आदेश का जिन्न बाहर निकला आया। अब चुनाव नहीं हैं। सरकार बोल रही है कि सरकारी भवन नहीं टूटेंगे। लोगों को अपने घर खाली कराने होंगे। समझे...क्या होता है वोटों का गणित ? 

हम सच बोलते हैं, तो इनको गुस्सा आता है। चैंपियन का तो आपको पता ही है। फेसबुक ने दंगे रोकने की ताकत दी, तो सरकार खबरें रोकने लगी। कुछ की तो जबदस्त निर्णय क्षमता से वेबसाइट ही ब्लाॅक करा दी। उत्तराखंड को छोड़ गूगल बाबा और दक्षिण भारत तक की पत्रिकाओं को खूब विज्ञापन बांटे जा रहे हैं। अपने बंदे सड़कों पर धक्के खाने को मजबूर...। तय तो आपको ही करना है।
"हिल तो टाॅप लागेलू": उमा दीदी को टाॅप लगा या फेल, त्रिवेंद्र जी बताएंगे "हिल तो टाॅप लागेलू": उमा दीदी को टाॅप लगा या फेल, त्रिवेंद्र जी बताएंगे Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, August 01, 2019 Rating: 5

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