भई वाह ! कप्तान समेत विदेश जाएगी सरकार

  • मेट्रो के नाम पर कब तक होगी सरकारी खजाने की लूट ?
खैरासैंण के सूरज की जय। तनख्वा देने के पैसे नहीं है और सरकार विदेश जाने को आतुर है। देश चांद की कक्षा में प्रवेश कर गया और यहां मेट्रो का ख्वाब पूरा नहीं हो पा रहा। करोड़ों रुपये एक साल पहले बबार्द किये। सरकार के विधायक, उनकी धर्म पत्नियां। अधिकारी और उनकी जीवन संगिनियों ने विदेश दौरा किया। खूब मौज लिया। बेचारों के मन में अब भी उस दौरे की यादें छलक कर बाहर गिरने को आतुर होंगी। बहरहाल...तब कुछ नहीं निकला। अब सीएम त्रिवेंद्र रावत खुद ही कप्तान बनकर पूरी टीम लेकर जा रहे हैं। इस बार भी कुछ हासिल कर पाएंगे। उसकी कोई गारंटी नहीं है। हां करोड़ों रुपये बबार्द होने की पूरी गारंटी है। 


 
उत्तराखंड में मेट्रो प्रोजेक्ट मिशन चांद से ज्यादा कठिन नजर आ रहा है। इसरो के वैज्ञानिकों ने चंद्र यान अपनी तकनीक और अपने दम पर तैयार किया। पर देश में अब तक ऐसी तकनीक और वैज्ञनिक पैदा ही नहीं हुए, जो मायका लाल उत्तराखंड में मेट्रो चला दे...। सुनने में आया है कि उत्तराखंड में मेट्रो का राज उसी तरह विदेश जमीं पर छुपा है, जैसे रावण की मौत का राज उसकी नाभी में छुपा था। पहले बहुत योद्धाओं ने जोर लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिली...।

बाद में उस जमाने में भगवान राम ने लंकापति रावण की नाभी का भेदन किया था। इस युग में ठीक उसी तरह देवभूमि की सरकार के कप्तान उत्तराखंड में मेट्रो नहीं लाइन नहीं बिछ पाने के राज को खोजने के लिए विदेश जाने को पूरी तैयारी में हैं। उन्होंने तय किया है कि इस बार तो मेट्रो का हल खोजकर ही लाएंगे। चाहे जो जाए। अगर फिर भी हल नहीं मिला, तो अगले साल फिर से दौरा हो पाए...इसका रास्ता भी इसी बार खोज आएंगे...। वेसे ये राज की बात थी, जो मैने आपको बता दी...।
                                        
                                                              ...प्रदीप रावत (रवांल्टा)

भई वाह ! कप्तान समेत विदेश जाएगी सरकार भई वाह ! कप्तान समेत विदेश जाएगी सरकार Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, August 08, 2019 Rating: 5

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