गजब : भाजपा राज में विरोध की वैलिडिटी समाप्त, जो करेगा उसकी खैर नहीं

लगता है भाजपा में विरोध की वैलिडिटी समाप्त हो गई है। हम विरोध करेंगे, तो फेसबुक बंद। हैरानी देखिये। एक शिक्षक के अच्छे कामों को भी फेसबुक ने घटिया लोगों की शिकायत पर असामाजिक करार दे दिया। है ना गजब। अब मसले पर आते हैं। उत्तराखंड भाजपा सरकार गुंडों जैसा काम कर रही है। विरोध की जैसे वैलिडिटी ही समाप्त हो गई है। सरकार के विरोध में जो भी आवाज बुलंद कर रहा है। उसे धमकाया जा रहा है। फिर से पुरानी बात दोहरानी पड़ रही है। भाजपा का गुंडा विधायक जो अब भाजपा का नहीं रहा। उसके पक्ष में भाजपा के बद्रीनाथ जी की नाम वाली विधानसभा सीट के विधायक महेंद्र भट्ट चिंतित हैं। उनको चैंनियन के जाने का बड़ा बुरा लगा...। लेकिन, मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने वाले लाटे राजपाल को सलाखों के पीछे डाल दिया। उस पर किसी ने कुछ नहीं कहा...है ना गजब। रामनगर में बजरंगी भाई को भाजपा के महामंत्री ने पीट दिया...। मतलब विरोध की वैलिडिटी समाप्त...।
 

बीजेपी में नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने का अभियान अभी खत्म भी नहीं हुआ और भाजपा में कार्यकर्ताओं को कूटने का अभियान चालू हो गया है। अभी पुरोला के राजपाल को सलाखों के पीछे बंद करने का जो ऐतिहासिक काम किया गया था। लोग उसे भूले भी नहीं थे। भूलेंगे भी नहीं। क्योंकि वो याद रखने वाली बात है। 2022 में चुनाव जो होने हैं। राजपाल, मोदी जी के बड़े समर्थक हैं। अपने घर में उनकी पूजा करते हैं। मंदिर में पूजते हैं, पर चैंम्पियन से डरी-सहमी सरकार ने उसे जेल में डाल दिया।


रामनगर में धन दा से माननीय धन सिंह रावत जी बने धन दा से लोगों को नफरत होने लगी है। ये उनका दोष नहीं है। कार्यकर्ताओं का है...कुछ नेता ऐसा बोलने भी लगे हैं। पहले उनके क्षेत्र की कार्यकारिणी ने इस्तीफा दिया। बाकायदा सरकार और संगठन को चिट्ठी भी लिखी। रामनगर में माननीय का विरोध हुआ। विरोध करने वाले बजरंगदल के कार्यकर्ता को भाजपा के महामंत्री ने सरे राह पीट दिया। इतना ही नहीं, फिर से विरोध करने पर पीट देने तक की धमकी दे डाली। धन सिंह रावत आगे-आगे चल रहे थे। पीछे कुटाई चल रही थी, लेकिन धन सिंह रावत ने मुड़ कर पीछे नहीं देखा। गजब की संवेदनशीलता है उनमें....।


कई कार्यकर्ता काम के लिए आए दिन सरकार के दरवार में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं। गुस्से में हैं। उनको भी पता है कि उनके वोट और आवाज उठाने की वैलिडिटी समाप्त हो गई है। सोशल मीडिया पर सत्तासीनों के लिए कई तारीफें मिल रही हैं। गजब तारीफें। योजनाएं अखबारों में हैं। विकास घोषणाओं में है। दिखाने की कोशिशें तो हो रही हैं, लेकिन नजर नहीं आ रहा। सरकार तो चाहती होगी कि जनता को मोतियाबिंद हो जाएग, ताकि कुछ दिखे ही नहीं। पर याद रखना सरकार वोट मोतियाबिंद वाले भी देते हैं। समझ गए ना आप...।
                           
                                                              ...प्रदीप रावत (रवांल्टा)
गजब : भाजपा राज में विरोध की वैलिडिटी समाप्त, जो करेगा उसकी खैर नहीं गजब : भाजपा राज में विरोध की वैलिडिटी समाप्त, जो करेगा उसकी खैर नहीं Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, July 18, 2019 Rating: 5

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