तीन शराब फैक्ट्री, 328 नौकरियां, उत्तराखंड वालों को बाबा जी का ठुल्लू

धन्य है त्रिवेंद्र सरकार। देव भूमि की जनता वोट की बारी आते ही देवतुल्य हो जाती है। शराब में फायदे की बात आती है, तो ठेंगा दिखा देते हैं और लोग समझते हैं कि सीएम साबह ने थम्सअप कहा है। कब तक ऐसे ही ठगते रहेंगे। आजकल दारू का बवाल मचा हुआ है। मुख्यमंत्री बोल रहे हैं कि दारू की फैक्ट्री लगने से उत्तराखंड के छोरों को नौकरी मिलेगी बल...। पर ये जो बल है। ये सच में बल डालने वाला है। 


दारू के विरोध में उठे सवालों को ठंडा करने पर सरकार ऐसे तुली जैसे दारू को ठंडा करने के लिए शराब पीने वाले आईसक्यूब डाला करते हैं। सीआईडी सीरियल भले ही बंद हो गया हो, लेकिन दया कुछ तो गड़बड़ है कि डायलाॅग तो हर किसी को पता है...। सरकार बोल रही है कि युवाओं को रोजगार मिलेगा...। खाक रोजगार मिलेगा। देवप्रयाग में दारू की फैक्ट्री लग गई ठैरी बल। एकेश्वर में भी लग चुकी है और थत्यूड़ में दारू की फैक्ट्री सज चुकी है। रोजगार के नाम पर छल-कपट से नेगी दा की जीवनभर की खटी-कमाई भी त्रिवेंद्र चच्चा ने दो मिनट में बबार्द कर दी। लोग उनके लिए भी घात डाल रहे हैं...हे राम बेचारे नेगी दा...बेमतलब में बिचारे झांपू बन गए। 

अब रोजगार की और पुनः पटलते हैं। पलटना इसलिए भी जरूरी है कि त्रिवेंद्र चच्चा और उनके चेले-चपाटे लोगों का बेवकूफ बना रहे हैं। तीन फैक्ट्रियां उत्तराखंड में लगी हैं। तीनों में कुल 328 नौकरियां लगनी हैं। दारू पैक करने वालों ने खुद ही बताया। सुना तो है कि किसानों के माल्टे-उल्टे भी नहीं लेने वाले, वो दारू वाले...। मैंने पहले ही कहा था कि बल पड़ना तय है पड़ गया ना बल...। इतना बड़ा उत्तराखंड 328 लोगों को रोजगार...वाह। ...आप लाजवाब हो। रोजगार के नाम पर उत्तराखंड के लौंडों को फिर से बाबा जी का ठुल्लू...।

और सुनो दारू ने कइयों की घर-कुड़ी घाम लगा दी बल...और विजया आंटी बोल रही हैं कि दारू से कुछ नहीं होता। कोई हिंसा-उंसा नहीं होती। पैमान बनाकर पीयो बल रोज...पीयो, आंटी ने कहा है। लगता है आंटी की उम्र हो चली है। उनका दोष थोड़े ही है। उन्होंने गांव की महिलाओं को दारूबाज पतियों से पिटते हुए थोड़े देखा होगा...। उनको तो ये भी पता नहीं होगा कि उत्तराखंड में गाड़ी पलटने की घटनाएं तो ये दारू ही करवाती है। अब उनके हिसाब से तो इसमें भी दारू का कोई दोष नहीं। विजया आंटी अब इतना बता ही दिया है, तो थोड़ा लोगों की जिज्ञांसा भी शांत कर देंती कि पैमाना कैसे बनाना है...मिली लीटर में या फिर पूरा ही लीटर में...। धन्य हैं आप।

...प्रदीप रावत (रवांल्टा)
तीन शराब फैक्ट्री, 328 नौकरियां, उत्तराखंड वालों को बाबा जी का ठुल्लू तीन शराब फैक्ट्री, 328 नौकरियां, उत्तराखंड वालों को बाबा जी का ठुल्लू Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Wednesday, July 24, 2019 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.