संसद में गढ़वाली में बोले अनिल बलूनी : दान-सयांणु कु बल बोलियूं अर औंलु कु स्वाद...बाद मा औंदु याद

नई दिल्ली : राज्यसभा सांसद और भाजपा राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने आज संसद में अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली में की। उन्होंने एक गढ़वाली कहावत "दाना सयांणु कु बल बोल, औंलु कु स्वाद, बाद मां औंदु याद।" से नोटबंदी और जीएसटी के फायदे गिनाए। 

उन्होंने इस कहावत के जरिए मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के फैसलों के दूरगामी परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग लोगों की कही हुई बातें और आंवले का स्वाद बाद में ही पता चलते हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी निर्णय। से दीर्घकालिक प्रभाव पढ़ेंगे।


अनिल बलूनी के गढ़वाली में संबोधन से गढ़वाली को लाभ होगा। उम्मीद करते हैं कि अपनी भाषा के प्रति उनका समर्पण और प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी। अनिल बलूनी ने पिछले कुछ समय में विकास कार्यों और उत्तराखंड को लेकर अपनी सोच को साफ किया है कि वह किसी भी हाल में उत्तराखंड से जुड़े रहना चाहते हैं।

पलायन को लेकर मेरा वोट मेरे गांव अभियान न खासी सुर्खियां बटोर रहा है। और इस अभियान से लोग बड़ी संख्या में जुड़ भी रहे हैं। सोशल मीडिया पर अनिल बलूनी की इस मुहिम को लोग खूब पसंद  रहे हैं और उससे जुड़ रहे हैं
संसद में गढ़वाली में बोले अनिल बलूनी : दान-सयांणु कु बल बोलियूं अर औंलु कु स्वाद...बाद मा औंदु याद संसद में गढ़वाली में बोले अनिल बलूनी : दान-सयांणु कु बल बोलियूं अर औंलु कु स्वाद...बाद मा औंदु याद Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, July 11, 2019 Rating: 5

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