उत्तराखंड में बाघ और आग की मार...कब तक...?

देहरादनू: झांपू ब्वाडा गोने से चर्चाओं में आए लोक गायक पवन सेमवाल ने वन विभाग पर भी गाने के जरिए चोट की है। पवन सेमवाल ने गाने के जरिए बताया है कि किस तरह से बाघ और आग ने पूरे उत्तराखंड को दहशत में ला दिया है। बाघ आए दिन लोगों पर हमला कर रहा है, तो जंगल की आग जंगलों, जंगली जीवों, स्कूलों और गांवों को जलाकर राख कर रही है, लेकिन वन विभाग कहीं नजर नहीं आ रहा है। 

पवन सेमवाल ने कुछ इस तरह से गाने के बोल लिखे है। उन्होंने लिखा है। उत्तराखंड मां लगियूं बाघ, चैं दिशाओं मां आग। वन विभाग कुछ त कर, इन देखी की मौन नि र। गौं-गौं गुठ्यार मां लुक्यां छ यख बाघ रे। जंगलू मां यख आग लैगी, जाणी कती गांव बाघ खैगी, वन विभाग यनु लगणु, जाणी कख सुनींदु सैगी। डांडी-कांठी आग से खाक होयां, निर्भगियूं तुम कख सेयां। 
गाने में वनों में लगी आग और आए दिन बाघ के हमलों का दर्द साफ झलकता है। हाल ही में पौड़ी की एब मासूम को बाघ ने अपना निवाला बना लिया था। ऐसी ही कई घटनाएं सामने आती रहती हैं। इन दिनों आग ने सारा जंगल बताह कर दिया है। वन विभाग के पास ना तो आग का उपाया है और ना बाघ का। ऐसे में लोग जाएं तो जाएं कहा। बाघ के हमलों से लोग खासे भयभीत हैं।

उत्तराखंड में बाघ और आग की मार...कब तक...? उत्तराखंड में बाघ और आग की मार...कब तक...? Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Sunday, June 02, 2019 Rating: 5

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