ये गुप्ता बंधु भ्रष्टाचार के मामले में दक्षिण अफ्रिका के राष्ट्रपति को ले डूबे थे...

पहाड़ समाचार... 

एक शादी का शोर है। बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना वाली कहावत सेट हो रही है। शादी के लिए औली को चुना गया है। किसी की भी शादी हो। हमें भला क्या ऐतराज हो सकता है। खूब भव्य शादी करें। खाएं-पीयें। खेलें-कूदें। फूलें-फलें और मौज में रहें। सरकार भी मस्त है। मीडिया मदमस्त है। काले आखरों से काले किए गए सफेद पन्नों के अखबारों की छपा था कि सरकार के मुखिया के कहने पर ही शादी औली में की जा रही है। काला अक्षर, भैंस बराबर आपने सुना ही होगा। औली को विश्व प्रसिद्ध करने का झांसा दिया जा रहा है। औली पहले से फेमस भी है और खूबसूरत भी। वहां के बुग्याल से लेकर वहां की बर्फीली ढलानों तक। औली की अपनी अलग पहचान है। उसे यूरोप या कुछ और बनाने की जरूरत नहीं है। औली-औली है और हमेशा रहेगी। 200 करोड़ की शादी के फायदे मुझे कम ही नजर आते हैं। नुकसान बाद में देखा जाएगा। फिलहाल लोगों को 200 करोड़ की शादी की तारीफें करने दो। मौज और आनंद लेने दो।


ये मीडिया भी गजब है। सरकार भी जीरो टालरेंस वाली है। पहले भी कहा था। फिर से कह रहा हूं कि टालरेंस से पहले का जीरो लगभग विलुप्त हो चुका लगता है। गुप्ता बंधु नाम तो सुना ही होगा। ये कोई फिल्मी डायलाग नहीं है। सच्चाई है। याद कीजिए कुछ महीने पहले इन गुप्ता बंधुओं के कर्मों की कहानी हर अखबार के पहले पन्ने पर थी। दिल्ली से लेकर उत्तरप्रदेश के सहारनपुर और हमारे उत्तराखंड के देहरादून तक। और तो और दक्षिण अफ्रिका में तो उनके चर्चे अभी तक हैं। गहराई से  जानने के लिए गंभीरता से पढ़िएगा।

ये वही गुप्ता बंधु हैं, जिनको उत्तराखंड सरकार ने कड़ी सुरक्षा दी हुई थी। गुप्ता बंधुओं पर जब छापेमारी हुई तो उत्तराखंड सरकार ने भी उनको दी गई सुरक्षा को वापस ले लिया था। जीरो टालरेंस वाली सरकार ने भी पल्ला झाड़ लिया था। अब अचानक जीरो टालरेंस वाली सरकार के जीरो टालरेंस सीएम साबह के कहने पर उन्हीं गुप्ता बंधुओं के बेटों की शादी औली में हो रही है। सरकार और मीडिया उनका महिमा मंडन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। आखिर क्यों...ये 200 करोड़ का सवाल भी हो सकता है...?

अब कुछ गुप्ता बंधुओं की कहानी बयां करते हैं। दक्षिण अफ्रिका में अपने पैर जमाने वाले इन भारतीय भाइयों की कहानी किसी पिक्चर की तरह नजर आती है। गुप्ता बंधु यानि तीन भाई 1993 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से दक्षिण अफ्रिका पहुंचे। अपना व्यवसाय शुरू किया। कुछ ही समय में अमीर और प्रभावशाली बन गए। उन पर राज्य को अपने कब्जे में करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया। फिर वो कुछ समय के लिए गायब हो गए। धीरे-धीरे गुप्ता बंधुओं ने वापसी की और राष्ट्रपति जैकब जुमा के करीबी दोस्त बन गए। लोग सकते में थे कि दूसरे देश से आए लोग राष्ट्रपति के इतने करीबी केसे हो गए। गुप्ता परिवार और दक्षिण अफ्रिका के राष्ट्रपति जैकब जुमा की मित्रता बिजनेस में बदल गई। राष्ट्रपति को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

आप अंदजा लगाइये कि जिन गुप्ता बंधुओं के घोटालों से दक्षिण अफ्रिका के अब तक के सबसे ताकतवर माने जाने वाले राष्ट्रपति को अपना पद छोड़ना पड़ा। उनके सामने भला कौन बौना नहीं नजर आएगा। इतने बड़े गुप्ता बंधुओं का स्वागत भला कौन सीएम नहीं करेगा, जिन्होंने एक देश के राष्ट्रपति को ठिकाने लगा दिया। गजब है। आपको भी उनका स्वागत करना चाहिए। मीडिया को भी करना चाहिए। जिन गुप्ता बंधुओं के कारण दक्षिण अफ्रिका में भारतीय कारोबारियों को अपने बिजनेस की बर्बादी झेलनी पड़ी। वही गुप्ता बंधु जीरो टालरेंस वाले मुख्यमंत्री के कहने पर औली को वैडिंग डेस्टिनेशन बनाने जा रहे हैं। पता है। हम जैसों को नेगेटिव कहा जाता है। ठीक है। बहरहाल हमें फर्क पड़ता है। उम्मीद है दूसरे लोगों को भी फर्क पड़ेगा।
                                                                                ...प्रदीप रावत (रवांल्टा)


ये गुप्ता बंधु भ्रष्टाचार के मामले में दक्षिण अफ्रिका के राष्ट्रपति को ले डूबे थे... ये गुप्ता बंधु भ्रष्टाचार के मामले में दक्षिण अफ्रिका के राष्ट्रपति को ले डूबे थे... Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Monday, June 10, 2019 Rating: 5

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