अनिल बलूनी का पलायन पर एक और प्रहार, "भुतहा गांवों" का कायाकल्प करेगा नीति आयोग

देहरादून: पहाड़ पलायन से  बर्बाद और तबाह हो रहा है।  हजारों गांव के हजारों घर खाली हो चुके हैं। गांव के गांव निर्जन पड़े हुए हैं। ये गांव और मकान भुतहा कहे जाने लगे हैं। भुतहा गांवों को गुलजार करने के लिए राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने एक और पहल शुरू की है। उन्होंने नीति आयोग से भुतहा गांव के कायाकल्प की मांग की, जिस पर नीति आयोग ने  अपनी सहमति दी है। नीति आयोग ने 10 पहाड़ी जिलों के 10 निर्जन गांव को गोद लेने का निर्णय लिया है। पलायन से निर्जन होने के बाद ‘भुतहा गांवों' का नीति आयोग कायाकल्प करेगा। 

आयोग ऐसे गांवों को मॉडल गांव के तौर पर विकसित करेगा। यही नहीं, आयोग प्रदेश में पलायन की समस्या पर उच्च स्तरीय अध्ययन रिपोर्ट भी तैयार करवाएगा। आयोग की विशेषज्ञ टीम सांसद बलूनी के गोद लिए गए बौर गांव का भी दौरा करेगी। सांसद बलूनी उत्तराखंड में पलायन की समस्या को लेकर भारत सरकार के मंत्रालयों और संस्थानों से निरंतर संवाद कर रहे हैं। इस कड़ी में बुधवार को उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार से भेंट की और उत्तराखंड में भयावह होती पलायन की समस्या के समाधान के लिए नीति आयोग से सहयोग मांगा।


नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने उत्तराखंड जैसे हिमालयी और सामरिक प्रांत के पलायन को गंभीर समस्या माना। इस अवसर पर नीति आयोग के अटल इन्नोवेशन मिशन के निदेशक डॉ. उन्नत पंडित भी उपस्थित थे। जल्द ही डॉ. पंडित सांसद बलूनी के साथ बौर गांव का दौरा भी करेंगे। पलायन की समस्या के निदान को लेकर नीति आयोग से मदद मांगी है। आयोग 10 निर्जन गांवों को गोद लेने और अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने को सहमत है। वहीं, राज्य के जागरूक नागरिकों, संस्थाओं के साथ साथ प्रवासियों से भी इस अभियान में सहयोग की अपेक्षा है।
अनिल बलूनी का पलायन पर एक और प्रहार, "भुतहा गांवों" का कायाकल्प करेगा नीति आयोग अनिल बलूनी का पलायन पर एक और प्रहार, "भुतहा गांवों" का कायाकल्प करेगा नीति आयोग Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, June 20, 2019 Rating: 5

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