200 करोड़ की शादी के लिए औली की कुर्बानी क्यों ?

...प्रदीप रावत (रवांल्टा)
औली में 200 करोड़ की शादी की चर्चाएं खूब हो रही हैं। पहले इस शादी की केवल तारीफों के पुल बांधे जा रहे थे। उसका कारण भी साफ था कि ये शादी सरकार के मुखिया के कहने पर उत्तराखंड में हो रही है। ये भी आप जानते ही होंगे कि मुखिया की तौहीन करना इतना सरल नहीं है। अब जैसे-जैसे शादी के दिन नजदीक आ रहे हैं। तारीफें चिंताओं में बदलने लगी हैं। पर्यावरण से तथाकथित प्रेम करने वालों को भी फिर से प्रकृति से प्रेम होने लगा है। हालांकि इन चिंतत लोगों में कुछेक लोग वाजिब भी हैं। अखबारी दुनिया के कुछ लोगों ने भी फांसी जैसे फंदे पर लटकी कलम पर से फंदे की ऐंठन को कुछ कम कर लिखना शुरू कर दिया है।

सवाल बाद में करेंगे। सबसे पहले मैती आंदोलन के प्रणेता कल्याण सिंह मैती का जिक्र कर लेते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक खुली चिट्ठी लिखी। उसमें उन्होंने कहा कि अगर आप औली में देवदार के पौधों के रोपण के लिए किसी को बाहर से बुलाते और यहां आकर दो-चार सौ पौधे रोप जाते, तो हिमालय फिर से हरा हो जाता। लेकिन, यहां तो सरकार की तबीयत केवल इस बात से ही हरी हो जा रही है कि उत्तराखंड में 200 करोड़ की शादी हो रही है।

अब बारी सवालों की है। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि 200 हेलीकाॅप्टर बुक किए गए हैं। अनुमति केवल आठ की ली गई है। मान लीजिए कि आठ ही हेलेकाॅप्टर उड़ान भरेंगे, लेकिन सवाल ये है कि औली में भी कम से कम आठ हेलीपैड होने चाहिए, जो औली में ना तो हैं और ना बनाए जा सकते हैं। जिस औली को पर्यावरणीय खतरे का हवाला देकर सरकार लोगों को वहां ज्यादा संख्या में नहीं जाने देती। कई चीजों पर प्रतिबंध है, फिर इतनी बड़ी शादी कैसे हो सकती है। 

रिपोर्टों में यह जानकारी भी सामने आई है कि शादी में शामिल खास मेहमानों को औली से सीधे हेलीसेवा के जरिए केदारनाथ और बद्रीनाथ जी के दर्शन कराए जाएंगे। यहां भी एक और गंभीर सवाल ये है कि इन दिनों चारधाम यात्रा चल रही है। उत्तराखंड में खासकर केदारनाथ और बद्रीनाथ में किसी भी तरह का एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम नहीं है, फिर कैसे एयर ट्रैफिर को कंट्रोल किया जाएगा। एक महत्वपूर्ण बात ये भी है कि केदारनाथ घाटी में एक बार में छह से ज्यादा हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सकते हैं। ऐसे में जब वहां पहले से ही हेलीकाप्टर उड़ान भर रहे हैं। ऐसे में गुप्ता बंधुओं की शादी के हेलीकाप्टर कैसे उड़ान भर पाएंगे। क्या 200 करोड़ की शादी कराने वाले गुप्ता बंधुओं के मेहमानों के लिए चारधाम यात्रा की हेली सेवा रोक दी जाएगी।


औली में 20 टेंट बनाने की जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। जोशीमठ एसडीएम के निरीक्षण में पता चला कि वहां कम से कम 200 टेंट लगाए जा रहे हैं। टेंट लगाने के लिए स्लोप को जेसीबी से खोदकर सीधा किया जा रहा है। क्या ये यही है। क्या औली में किसी को भी जेसीबी लेजाकर खुदाई करने की अनुमति दी जा सकती है। क्या खुदाई से समस्याएं नहीं होंगी।


औली उच्च हिमालयी क्षेत्र में अंतरगत आता है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक साथ सैकड़ों लोगों का मेला कैसे लेगने दिया जाकता है। क्या उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक साथ बहुत सारे लोगों के पहुंचने से पर्यावरणीय नुसान नहीं होगा। पर्यावरण को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी। क्या सिर्फ 200 करोड़ की शादी के लिए पर्यावरण के नुकसान को दरकिनार कर दिया जाना चाहिए।

उच्च हिमालयी क्षेत्र का एक और नियम ये भी है कि आप वाहां शोर नहीं कर सकते। औली में जिस शादी का मंडप सजाया जा रहा है। उसमें तीन दिनों तक खूब धूम-धड़ाका किया जाएगा। क्या उस धूम-धड़ाके से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। अगर पड़ता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। माना कि सीएम साबह को प्रदेश को आगे बढ़ाने की चिंता है, लेकिन जिस शादी से इतने सारे नुकसान होने जा रहे हों। उस शादी का क्या लाभ।

एक और सवाल। जिस शादी पर 200 करोड़ खर्च किए जाने हैं। उसके लिए इंतजाम भी उतने ही बड़े किए जा रहे हैं। कई तरह का स्थाई निर्माण किया जाएगा। वहां आने वाले लोगों के नहाने-धोन से लेकर शौच तक की सारी व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी। सैकड़ों लोगों को खाना बनाया जाएगा। इन सब चीजों से जो कूड़ा जहां होगा। लोगों के लिए किए जा रहे इंतजामों के दौरान औली को जिस तरह से बदसूरत किया जा रहा है। वो नजारा शादी समाप्त होने के बाद आप सभी देखिएगा। हर कोई यही उम्मीद करता है कि उसको उसके सवालों का जवाब मिल जाए, लेकिन मुझे उम्मीद है कि इनको अनदेखा कर दिया जाएगा। लेकिन, आप इनको अनदेखा मत कीजिएगा। ये आपके और हम सबके उत्तराखंड के सवाल हैं।
200 करोड़ की शादी के लिए औली की कुर्बानी क्यों ? 200 करोड़ की शादी के लिए औली की कुर्बानी क्यों  ? Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, June 13, 2019 Rating: 5

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