किस काम का आयुषमान कार्ड, जब काम ही नहीं आ रहा, इलाज नहीं मिलने से एक और मौत

रामनगर: आयुषमान कार्ड को लेकर सरकार ने तमाम दावे किए। भव्य कार्यक्रम कर शुभारंभ किया गया। कहा गया कि अब कोई गरीब महंगे इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा। लेकिन, सरकार के इन दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। कोटद्वार की पिंकी के बाद अब रामनगर के प्रेम राम की मौत हो गई।


रामनगर के प्रेम राम की तबीयत 30 अप्रैल को ज्यादा खराब हो गई थी। परिजन उनको रामनगर लाए। सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उनको बृजेश अस्पताल के लिए रैफर किया गया। लेकिन, अस्पताल ने उनका इलाज करने से इंकार कर दिया, जबकि उनके पास आयुषमान कार्ड मौजूद था। उनके परिजनों ने अस्पताल को किसी तरह 50 हजार रुपये भी दिए, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। 

सवाल यह उठता है कि अगर आयुषमान कार्ड ने किसी के काम ही नहीं आना है, तो फिर लोगों को क्यों ठगा जा रहा है। कुछ माह पहले कोटद्वार की पिंकी प्रसाद की मौत भी सिर्फ इस कारण हो गई थी कि उनके पास पैसे नहीं थे और आयुषमान कार्ड को इंद्रेश अस्पताल ने मानने से इंकार कर दिया था। सरकार ने जांच में अस्पताल की गलती को देखते हुए करीब 12 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। अब एक और मौत के बाद क्या सरकार कोई बड़ा कदम उठाएगी या फिर लोग गोल्डन कोर्ड होते हुए भी अस्पताल लोगों को ठेंगा दिखते रहेंगे और लोग मरते रहेंगे।
किस काम का आयुषमान कार्ड, जब काम ही नहीं आ रहा, इलाज नहीं मिलने से एक और मौत किस काम का आयुषमान कार्ड, जब काम ही नहीं आ रहा,  इलाज नहीं मिलने से एक और मौत Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Wednesday, May 08, 2019 Rating: 5

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