मोदी मैजिक ने तोड़ दिया हर मिथक, गलत फहमी ना पालें नेता

  • चंद्रशेखर पैन्यूली
लोकसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही देश में ये तय हो गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए एक बड़ी जीत के साथ फिर के सरकार बना रही है। बीजेपी के कुशल संगठन क्षमता और मोदी के नेतृत्व ने बीजेपी को आज इस मुकाम पर खड़ा किया है। आजादी के बाद जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी के बाद नरेन्द्र मोदी ही ऐसे पीएम बने, जिन्होंने सत्ता में रहते जबरदस्त वापसी की। आज के परिणामों ने कई मिथक भी तोड़े। उत्तराखंड के परिपेक्ष में आज कुछ टूटे मिथकों की बात करते हैं।


उत्तराखंड की पांचों सीटों पर बीजेपी की निर्णायक बढ़त हो चुकी है। यानि बीजेपी ने 5-0 से क्लीन स्वीप कर एक इतिहास लिखा है। सबसे पहले यही मिथक टूटा कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद राज्य में जब भी लोकसभा चुनाव  हुए उसमें राज्य में सत्तासीन सरकार को हार का सामना देखना पड़ा। लेकिन, इस बार पीएम मोदी के नाम पर पड़े वोट के कारण राज्य में पांचों सीट पर बीजेपी की जीत राज्य के सीएम त्रिवेन्द्र रावत का भी कद बढ़ा गई। उत्तराखंड की टिहरी सीट की बात करें तो यहां पर कई मिथक टूटे। पहला मिथक बद्रीनाथ जी के मंदिर और राजपरिवार से जुड़ा था। आज तक यही होता था कि जब भी बद्रीनाथ जी के कपाट बंद होते थे तो राजपरिवार को हारना पड़ा। इस बार वोट पड़ने के दिन 11 अप्रैल को बद्रीनाथ जी के कपाट बंद थे, लेकिन आज खुले हुए हैं। टिहरी में राजपरिवार की बहू ने इस जीत के साथ ही कपाट के बन्द होने के मिथक को तोड़ा। साथ ही राज्य की प्रथम महिला सांसद होने का सम्मान प्राप्त कर लिया जो लगातार तीन बार सांसद चुनी गईं। 

गढ़वाल सीट की बात करें तो यहां भी बीजेपी के तीरथ सिंह रावत की जीत के साथ बीजेपी और गढ़वाल को एक नया नेतृत्व मिला है। गढ़वाल विवि श्रीनगर कॉलेज अध्य्क्ष से लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और आज राष्ट्रीय सचिव बीजेपी तीर्थ सिंह ने बीजेपी के दिग्गज्ज नेता निवर्तमान सांसद पूर्व सीएम बीसी खण्डूड़ी के पुत्र  मनीष खंडूड़ी को हराकर जीत दर्ज कर की है। नैनीतताल सीट पर बीजेपी प्रत्याशी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से जुड़ा मिथक था कि वो जब जीतते हैं, तब सरकार नहीं बनती। लेकिन, इस बार वो कांग्रेस के दिग्गज्ज पूर्व सीएम हरीश रावत को बड़े अन्तर से हराकर अपने साथ जुड़े मिथक को तोड़कर संसद पहुंच रहे हैं। दो जगहों से विधानसभा चुनाव हारने वाले हरदा के राजनीत्तिक भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है। अल्मोड़ा की तरफ देखें तो यहां पर लम्बे समय से हर पांच साल बाद बीजेपी कांग्रेस बारी-बारी से आते-जाते रहे हैं। लेकिन, इस बार अजय टम्टा की जीत ने इस चक्र को बदल दिया और प्रदीप टम्टा को हार का मुंह देखना पड़ा।

हरिद्वार लोकसभा की बात करें तो इस सीट पर राज्य गठन के बाद ये मिथक जुड़ा था कि यहाँ से जो एक बार साँसद बनता है वो दोबारा नही बन पाता है लेकिन बीजेपी प्रत्याशी पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कांग्रेस के अम्बरीष कुमार को हराकर इस मिथक को तोड़ डाला,कुल मिलाकर देश के कई राज्यो की तरह उत्तराखण्ड में भी कई मिथक टूट गए हैं। टिहरी सीट पर अब शायद कपाट बन्दी का मिथक कभी नहीं रह पाएगा। साथ ही इस सीट पर राजपरिवार का दबदबा बरकरार है। उत्तराखंड की टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल, हरिद्वार हर सीट पर बीजेपी की बड़ी जीत से भाजपाई गदगद हैं।
मोदी मैजिक ने तोड़ दिया हर मिथक, गलत फहमी ना पालें नेता मोदी मैजिक ने तोड़ दिया हर मिथक, गलत फहमी ना पालें नेता Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, May 23, 2019 Rating: 5

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