यमुनोत्री धाम की बदहाली खोल रही सरकार के "एयरकंडीशन" दावों की पोल

पहाड़ समाचार
यमुनोत्री:
सरकार चारधाम यात्रा के लिए पुख्ता तैयारियों का दावा कर रही है। अधिकारी भी एक बार दौरा कर अपने ऐसी दफ्तरों से यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं चाक-चैबंद करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर जो स्थिति है। उसे देखकर नहीं लगता कि अगले 8-10 दिनों में काम पूरा हो पाएगा। यमुनोत्री धाम को लेकर श्रद्धालुओं की आस्था चाहे चरम पर हो, लेकिन सरकारों की आस्था इस धाम पर नजर नहीं आती। पिछले साल हुई तबाही के जख्म यमुनोत्री धाम में अब भी हरे हैं। बल्कि लापरवाही के कारण पुराने घाव और गहरे महसूस हो रहे हैं।

यमुनोत्री धाम चारों धामों में पहला धाम है। लेकिन, इस धाम को पहले धाम जैसा महत्व नहीं दिया जाता। जिसका सीधा असर तैयारियों पर भी नजर आता है। पहला धाम होने के कारण यमुनोत्री धाम के कपाट भी पहले खुलते हैं। इस बार धाम के कपाट 7 मई को खुलने हैं। हैरानी की बात यह है कि धाम के कपाट खुलने में बहुत कम वक्त होने के बावजूद अब तक धाम तक पहुंचने के रास्ते दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। रास्तों की हालत बंद सड़कों जैसी है। 


यमुनोत्री राजमार्ग की बात करें, तो कई जगहों पर राजमार्ग की हालत बेहद खस्ता है। बड़कोट से जानकी चट्टी तक राष्ट्रीय राजमार्ग पांच-छह जगहों पर भू-स्खलन और दीवारें गिरने से क्षतिग्रस्त है। फूलचट्टी, डाबरकोट, नारदचट्टी, हनुमानचट्टी, बाडिया गांव के पास, कुथनौर और  पालीगाड़ के पास स्थिति खस्ताहाल तो है ही, बेहद खतरनाक भी है। जिला प्रशासन भी यमुनोत्री धाम की स्थिति को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। अक्सर खबरों में रहने वाले और संजीदा दिखने वाले डीएम आशीष चैहान भी पूरे साल में यमुनोत्री धाम में व्यवस्थाएं नहीं सुधार पाए। डाबरकोट चुनौती बना है और जिस तरह से सरकार और विभागों क रवैया है। उससे नहीं लगता कि डाबरकोट का समाधान हो पाएगा।

आलम यह है कि धाम में गर्म कुंड भी बदहाल है। यमुनोत्री धाम में यमुना नदी पर बना छोटा लेकिर अहम पुल भी क्षतिग्रस्त है। छोटे से पुल को एक साल में भी नहीं बनाया जा सका। 16 जुलाई 2018 को यमुनोत्री धाम में अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ था। धाम में यमुना नदी ने तबाही मचा दी थी। जिसको लेकर यमुनात्री मंदिर पंडा समाज ने कई बार आवाज उठाई, लेकिन उनकी आवाज को अनसुना कर दिया गया। अब जब यात्रा सिर पर है। धाम में निर्माण कार्य शुरू कराए जा रहे हैं। जबकि निर्माण कार्य को अब तक पूर्ण हो जाना चाहिए था। ऐसे में यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

विधायक केदार रावत...
विधायक केदार रावत की मानें तो पहले जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों के लिए प्रस्तवा दैवीय आपदा के तहत भेजे थे, लेकिन दैवीय आपदा में डेढ़ लाख तक के ही प्रस्ताव पास हो पाते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने यमुनोत्री धाम में सुरक्षा कार्यों और पुलिया निर्माण के लिए मुख्यमंत्री धोषणा के तहत एक करोड़े से ज्याद का बजट स्वीकृति कराया। उनका कहना है कि समय रहते सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कई और प्रोजेक्ट हैं, जिन पर काम चल रहा है। चुनाव आचार संहिता के चलते कुछ कामों में दिक्कतों हुई थी। उनको दूर कर कुछ बडे़ काम किए जाएंगे।

डीएम आशीष चैहान...
डीएम आशीष चैहान से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन मोबइल पर काॅल रिसीव नहीं हुई। उन्होंने यमुनोत्री धाम में चल रहे निर्माण कर्यों को लेकर कल ही टीवी पर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उम्मीद है कि समय रहते काम पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन, जिस तरह से काम चल रहा है। उससे लगता नहीं कि काम पूरी गुणवत्ता से और समय पर पूरा हो पाएगा।
यमुनोत्री धाम की बदहाली खोल रही सरकार के "एयरकंडीशन" दावों की पोल यमुनोत्री धाम की बदहाली खोल रही सरकार के "एयरकंडीशन" दावों की पोल Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Friday, April 26, 2019 Rating: 5

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