क्या अपने शासकीय प्रवक्ता से पुराने घोटाले पर जवाब मांगेगी जीरो टाॅलरेंस सरकार ?

देहरादून: हरिद्वार जिले में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में घोटाले को लेकर जीरो टाॅलरेंस की सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक को हाईकोर्ट ने नोटिस दिया है। कोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। जीरो टाॅलरेंस की सरकार के मंत्री ने पूरे घोटाले पर पर्दा डालने का काम किया। उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रुड़की विधायक प्रदीप वत्रा की पत्नी ने परिवार की आय महज एक लाख रुपये दिखाकर योजना का लाभ लिया। इसके अलावा अन्य रसूखदार लोग भी इस योजना का लाभ लेने वालों की सूची में शामिल हैं। मामला सामने आने के बाद क्या जीरो टाॅलरेंस सरकार के मुखिया को मंत्री से इस मामले में जवाब तलब नहीं करना चाहिए? क्या स्वतंत्र रूप से जांच के आदेश नहीं दिए जाने चाहिए? ये मामला साबित करता है कि जीरो टाॅलरेंस बेइमानी है।  


हरिद्वार निवासी सतीश शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड सरकार ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत साहसिक खेल, टैक्सी खरीद, होटल विस्तार के लिए 20 लाख तक की सब्सिडी योजना बनाई थी। उनका आरोप है कि योजना का लाभ आम लोगों से कहीं अधिक रसूखदार लोगों को दिया गया। 2007-2008 और 2011-12 में 12 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा है कि उन्होंने उस समय पर्यटन मंत्री रहे मदन कौशिक को इस घपले की जांच की मांग के लिए प्रत्यावेदन दिया था, लेकिन प्रकरण पर कार्रवाई करने के बजाय पर्दा डाल दिया। 

जीरो टाॅलरेंस की सरकार के शासकीय प्रवक्ता और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबी मदन कौशिक ने अब तक मामले को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मामला कोर्ट में लंबित है। न्यायालय अपना काम कर भी रहा है और आगे भी बखूबी करता रहेगा, लेकिन जिस तरह से सरकार के शासकीय प्रवक्ता का नाम सामने आया है। सरकार और मंत्री को पूरे मामले में जवाब तो देना ही होगा।
क्या अपने शासकीय प्रवक्ता से पुराने घोटाले पर जवाब मांगेगी जीरो टाॅलरेंस सरकार ? क्या अपने शासकीय प्रवक्ता से पुराने घोटाले पर जवाब मांगेगी जीरो टाॅलरेंस सरकार ? Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Saturday, April 27, 2019 Rating: 5

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