जीरो टाॅलरेंस की सरकार में UGC के नियम दरकिनार, लोक सेवा आयोग की मनमानी

देहरादून: लोक सेवा आयोग और उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग का मनमाना रवैया डिग्री काॅलेजों में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले प्रशिक्षित और योग्य युवाओं पर भारी पड़ रहा है। प्रदेश के डिग्री काॅलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए वैंकेंसी निकली है। सभी विश्व विद्यालयाओं को यूजीसी के मानकों और नियमों को मानना जरूरी है। उच्च शिक्षा निदेशालय भी यूजीसी के मानकों को पूरी तरह मानता है। लेकिन, लोक सेवा आयोग यूजीसी के नियमों को मानने का तैयार नहीं है। 

भर्ती के एक मीमले एसा हाईकोर्ट से पहले ही यूजीसी के 2010 के रेगुलेशन एक्ट का हवाला देकर कला विषय की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा चुकी है। प्रदेश में भर्तियों में गड़बड़ी के चलते कई मामले कोर्ट में लंबित हैं। उसी तरह डिग्री काॅलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया भी कोर्ट में फंसने जा रही है। वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया पर रोक के लिए अलग-अलग विषयों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी या तो कोर्ट की शरण में जा चुके हैं या जाने की तैयारी कर रहे हैंबावजूद इसके सरकार चुप्पी साधे हुए है।

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत काफी सक्रिय नजर आते हैं। उच्च शिक्षा में सुधार को लेकर भी कई दावे किये थे। उन्हीं दावों के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू भी की गई, लेकिन अब जब भर्ती प्रक्रिया में लोक सेवा आयोग अड़ंगा लगा रहा है, तो उच्च शिक्षा मंत्री भी चुप्पी साधे हुए हैं। इस बात के दो मायने निकाले जा सकते हैं। पहला यह कि या तो लोक सेवा आयोग सरकार की नहीं सुन रहा या फिर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के लिए जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। दोनों की ही जिम्मेदारी सीधेतौर पर उच्च शिक्षा विभाग की बनती है।
जहां तक यूजीसी के नियमों की बात है। उसके तहत लोक सेवा आयोग को यूजीसी के नियमों के तहत भर्ती करनी चाहिए थी, लेकिन लोक सेवा आयोग उसे मामने के लिए तैयार नहीं है। जबकि हाई कोर्ट पहले ही कला विषय पर यूजीसी रेगुलेशन एक्ट-2010 के तहत रोक लगा चुका है। रोक के बावजूद आयोग में भर्ती प्रक्रिया जारी है। यूजीसी के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू के केवल 20 नंबर दिए जाने हैं। इसके अलावा यूजीसी ने एकेडमिक से लेकर विभिन्न वर्गों के लिए नंबर को बांटा है। जबकि लोक सेवा आयोग 100 फीसदी इंटरव्यू पर ही नियुक्ति देने पर तुला है।

लोक सेवा आयोग और उच्च शिक्षा विभाग की चुप्पी से डिग्री काॅलेजों में भर्ती की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिन लोगों ने आवेदन किए हैं उनका कि यूजीसी के मानकों के अनुरूप ही भर्ती की जानी चाहिए। मानकों के आधार पर भर्ती होने से पादर्शिता बनी रहेगी, जबकि केवल इंटरव्यू कराने से उस पर सवाल उठने तय हैं। ऐसे में जीरो टाॅलरेंस की सरकार में बड़ा टाॅलरेंस होने की आशंका भी अभ्यर्थियों को नजर आ रही है। 

जीरो टाॅलरेंस की सरकार में UGC के नियम दरकिनार, लोक सेवा आयोग की मनमानी जीरो टाॅलरेंस की सरकार में UGC के नियम दरकिनार, लोक सेवा आयोग की मनमानी Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Saturday, March 16, 2019 Rating: 5

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