पहाड़ और तराई की तरह ही है नैनीताल सीट...पढें कब किसका रहा कब्जा

देहरादून : पूरे देश में आम चुनाव का हल्ला है। सभी पार्टी और नेता आम चुनाव को लेकर काफी सक्रिय हो चुके हैं। हर पार्टी के पदाधिकारी चुनाव में जाने को तैयार हैंं। उत्तराखंड में 17 वीं लोकसभा के लिए देश की 91 सीटों के साथ सभी पांचों सीटों पर  पहले चरण में 11 अप्रैल को वोटिंग है, जिसके लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। हालांकि अभी तक विधिवत रूप से बीजेपी, कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहींं किये हैं। लेकिन सम्भावित प्रत्याशियों के समर्थकों ने अभी से अपने प्रत्याशी को ही भावी सांंसद बताना शुरू कर दिया है। यूकेडी और कम्युनिष्टों ने जरूर कुछ सीटों पर उत्तराखंड में प्रत्याशियों को घोषित कर दिया है।

उत्तराखंड में लोकसभा की पांच सीटें हैऔ। टिहरी, गढ़वाल(पौड़ी) सीट के बाद आज बात करते हैं। कुमाऊंं की कमिश्नरी नैनीताल लोकसभा संसदीय क्षेत्र की। इस संसदीय सीट में भी 14 विधानसभाएं आती हैंं। नैनीताल को अब नैनीताल-उधमसिंहनगर नाम से जाना जाता है। इस सीट का भौगौलिक क्षेत्रफल देखें तो आधा मैदानी और तकरीबन आधा पहाड़ी भूभाग है। नैनीताल-उधमसिंह नगर सीट में नैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंंगी, जसपुर, बाजपुर, लालकुंआ, भीमताल, काशीपुर, गदरपुर,
रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता, खटीमा विधानसभा सीटें पड़ती हैंं।

नैनीताल एक शानदार पर्यटक स्थल है। नैनीताल को झीलों का शहर भी कहा जाता है। उत्तराखंड का हाईकोर्ट भी नैनीताल में ही है।अब यदि बात करें यहा़ंं से सांंसदों की तो देश में 1952 में हुए आम चुनाव में यहांं से चन्द्र दत्त पांडेय सांंसद चुने गए, जो कांग्रेस पार्टी के थे। 1957 में भी सीडी पांडेय फिर से कांग्रेस के टिकट प संसद पहुंं चे 1962  सेे लेेेकर 1977 तक कृष्ण  चंद्र पंत कांग्रेस के के टिकट पर यहांं से संसद पहुंचे, तो 1977 में जनता पार्टी के भारत भूषण जी सांंसद बने। 

1980 में इंदिरा कांग्रेस के दिग्गज्ज नारायण दत्त तिवारी यहांं से संसद में पहुंचे। फिर 1984 में सतेन्द्र चन्द्र गुड़िया  कांग्रेस के टिकट पर सा़ंंसद बने। 1989 में कांग्रेस के महेन्द्र पाल सिंह यहांं से सांसद चुने गए। अब बात करते हैं 1991 की राम लहर में बलराज पासी ने दिग्गज्ज नारायण दत्त तिवारी को हराकर इतिहास रचा, लेकिन कहते हैं यही चुनाव तिवारी समेत नैनीताल के लिए अनलकी रहा। तिवारी यदि 1991 में जीत जाते तो राजीव गांंधी की मौत के बाद पीवी नरसिम्हाराव की जगह वही देश के प्रधानमंत्री बनते। क्योंकि वो कांग्रेस के बेहद सीनियर नेता और उससे पूर्व यूपी के 2 बार मुख्यमंत्री रह चुके थे। 

1996 तक एनडी तिवारी ने कांग्रेस से अलग होकर अपनी तिवारी कांग्रेस बनायी, जिसमें वो नैनीताल से जीतकर फिर से संसद पहुंचे। 1998 में  बीजेपी की  इल्ला पन्त यहांं से सांंसद बनकर संसद पहुंची। 1999 में पुनः नारायण दत्त तिवारी की वापसी हुई और वो 2002 में उत्तराखंड के सीएम चुने जाने तक नैनीताल के सांंसद रहे। 2002 के उपचुनाव में नैनीताल से कांग्रेस के सत्येंद्र पाल सिंह संसद पहुंचे। उसके बाद 2004 और 2009 में कांंग्रेस के केसी सिंह बाबा सांंसद चुने गए। 

2014 की मोदी लहर में इस सीट से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, बीजेपी के टिकट पर भारी वोटों से जीतकर संसद पहुंचे। अब 2019 के लिए बीजेपी कांग्रेस में सीधी लड़ाई दिखती है। बीजेपी इस सीट को बरकरार रखना चाहती है, वहीं कांग्रेस वापसी के लिए बेकरार है। नैनीताल सीट से केसी पन्त जो कि अपने समय  केंद्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष तक रहे। नारायण  दत्त तिवारी जैसे राजनीति के धुरन्धर जो केंद्र में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के मंत्री रहे। भारतीय राजनीति के पहले ऐसे ऐतिहासिक पुरुष हुए जिन्होंने यूपी और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पद पर कार्य किया। आंध्र प्रदेश में राज्यपाल बने, वो अलग बात है कि तिवारी जी कभी अलग पहाड़ी राज्य के विरोधी थे। 

उनका नाम सैक्स स्कैण्डल में भी उछला, लेकिन तिवारी ने देश और प्रदेश में सदैव नई लीडरशिप तैयार की। कई विकास के कार्यो से विकास की नींव रखी। जिसके लिए एनडी तिवारी सदैव याद आते रहेंगे। इसी नैनीताल सीट ने भगत सिंह कोश्यारी को भी संसद पहुंचाया। ये वही नैनीताल है जो बेशक 1991 में प्रधानमंत्री चुनने से चूक गया हो लेकिन दो पूर्व मुख्यमंत्रियों नारायण दत्त तिवारी और भगत सिंह कोश्यारी जैसे दिग्गजों की कर्मस्थली के रूप में दर्ज हो चुका है। 2019 की बिसात बिछ चुकी है। गोटियां फिट की जा रही हैंं। अब ये तो 23 मई ही तय करेगा कि नैनीताल में अबकी बार मोदी सरकार या कांंग्रेस की पुकार, लेकिन नैनीताल उधमसिंहनगर लोकसभा पर सबकी निगाहें जरूर रहती हैंं।  
पहाड़ और तराई की तरह ही है नैनीताल सीट...पढें कब किसका रहा कब्जा पहाड़ और तराई की तरह ही है नैनीताल सीट...पढें कब किसका रहा कब्जा Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Monday, March 18, 2019 Rating: 5

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