यू-ट्यूब वाले डीएम साहब...थोड़ा अजीब लगेगा

प्रदीप रावत (रवांल्टा) 
...रजिस्ट्री आॅफिस में छापा, ऐसे पकड़ा झूठ, चलते-फिरते किया खुलासा, खुले में शराब: छापा, ताबड़तोड़ निरीक्षण, डाॅक्टर गायब: डीएम नाराज, आधार कार्ड ओवर रेट/बैंक कचरा, स्कूल बस में ओवर लोडिंग, बच्ची को पैसे वापस करवाए, फर्जी डाॅक्टर पर छापा, एसडीएम से नाराज, कल तक पीएफ मिल जाए: समझे, ये मर्डर है, काॅलेज के बाहर सिगरेट, पकड़ा घपला, दफ्तर सील, खुलेआम बिजली चोरी पकड़ी, आधी रात में भी आॅफिस, आरटीओ में छापा, लेखपाल निलंबित, गांव में आया सांड, अस्पताल की लापरवाही, ...डीएम को घेरा/ शराब से परेशान, जिम में शराब, दूध की दुकान में शराब, स्नूकर किया सील, सीएससी लाइसेंस रद्द करो, फसल कटाई निरीक्षण, ठेकेदार को लताड़ा, पकड़ी नकली शराब...
आपको पढ़कर अजीब लगा होगा, लेकिन मजा भी आया होगा। आमतौर पर अखबार और चैनलों में इस तरह की हेडिंगें आपको मिल जाएंगी। ये किसी अखबार या चैनल की हेडिंग नहीं हैं। हरिद्वार डीएम दीपक रावत के यू-ट्यूब चैनल की हेडलाइन हैं। वो रोजाना जो भी करते हैं, उसको यू-ट्यूब पर अपने चैनल पर जरूर अपलोड करते हैं। अगर उनकी ही हेडिंगों को गंभीरता से पढ़ेंगे, तो उनमें कई जगहों पर शराब का  जिक्र आता है। यही बातें सवाल खड़ा करती हैं। सवाल ये है कि जब डीएम को सबकुछ पता है...फिर छापेमारी क्यों नहीं...?


डीएम दीपक रावत जहां भी रहे, वो फेसम रहे। उसका सबसे बड़ा कारण है कि वो लोगों को अपनी ओर खींचना जानते हैं। सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। ठीक है, रहना भी चाहिए, लेकिन जब हम किसी चीज को ज्यादा करने लगते हैं, तब वो लत में बदल जाती है। ऐसा लगता है कि डीएम दीपक रावत को भी यू-ट्यूब की लत लग गई है। इसलिए डीएम दीपक रावत अब अपने काम से ज्यादा सोशल मीडिया पर फोकस कर रहे हैं। 

डीएम को लेकर लोगों की ढेर सारी शिकायतें भी हैं। नैनीताल में रहते डीएम दीपक रावत आसानी से उपलब्ध रहते थे, लेकिन अब वो रिजर्व ज्यादा रहते हैं। जहां पहुंचते हैं। कैमरा मैन से लेकर मीडिया तक को साथ लेकर पहुंचते हैं। उनके किसी जगह पर छापा मारने से पहले मीडिया उस जगह के आसपास मौजूद होती है। मतलब साफ है कि वो छापेमारी उनका पब्लिसिटी स्टंट से ज्यादा कुछ नहीं होता...। अगर होता भी होगा, तो यू-ट्यूब पर वो पब्लिसिटी ही नजर आता है। 

शराब से 25 मौतें हो चुकी हैं। अब तक डीएम का कोई वीडियो सामने नहीं आया। यूपी में कार्रवाई ताबड़तोड़ हो रही है। करीब 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अपने यहां कुछ नहीं हुआ। मुआवजे का एलान भी एक दिन बाद हुआ है। शराब माफिया को गिरफ्तार करने के बजाय सरकार एसआईटी और मजिस्ट्रीय जांच की बात कह रही है। जबकि पहला काम माफिया की गिरफ्तारी का होना चाहिए था। ऐसा तो नहीं कि कोई शराब माफिया को जानता नहीं होगा। जरूर जानते होंगे। सवाल उठता है कि अब तक कोई पकड़ा क्यों नहीं गया...?

यू-ट्यूब वाले डीएम साहब...थोड़ा अजीब लगेगा यू-ट्यूब वाले डीएम साहब...थोड़ा अजीब लगेगा Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Saturday, February 09, 2019 Rating: 5

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