प्रधानमंत्री जी नमस्कार...आज वैलेनटाइन-डे है...बल

पहाड़ समाचार
प्रधानमंत्री जी नमस्कार...। मुझे पता है, आगे जो मैं लिखने जा रहा हूं। उसके बाद मेरी खैर नहीं। ...खैर। आप आ रहे हैं। आपको उत्तराखंड से प्यार है बल...। ऐसा आपकी सेना के सेनानी बताते हैं। बड़े पवित्र दिन आपके पैर इस उत्तराखंड की धरती पर पड़ रहे हैं। मौका-ए-वैलेनइटान-डे। कर दीजिए अपने प्यार का इजहार...। एक झटके में डबल इंजन की स्पीड बुलेट जितनी तेज कर दीजिए...बुलेट ट्रेन हमको कतई नहीं चाहिए। ग्रीन बोनस दे दीजिए बस। इस उत्तराखंड की जनता को अपनी वैलेनटाइन बना लीजिए। वैलेनटाइन-डे मतलब...प्रामिस निभाने का दिन। सुबेदार जी से भी कहिएगा कि प्रामिस-डे और वैलेनटाइन-डे एक साथ मना लें...मौका अच्छा है। 

प्रधानमंत्री जी...सुना है आप केदार बाबा के भक्त हैं। आपकी भक्ती के कारण भगवान बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री पर भारी पड़ रही है। आपको प्रसन्न करने के चक्कर में आपके भक्तगण अन्य स्थानों की ओर अपना ध्यान भटकने ही नहीं दे रहे। अभागे उत्तराखंड में हिमयुग आया हुआ है और आपके सेनापति यहां शीतकालीन खेत तक नहीं करा पा रहे। खेल प्रेमी लोगों ने तो बर्फ से ही सरकार की समाधि भी लगा दी थी...फिर से खेल में खेल, खेला जा रहा है।

प्रधानमंत्री जी...आपने गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया। आपके सेनापति उत्तराखंड वालों को भी देने वाले हैं। पर समझ में ये नहीं आ रहा कि उस आरक्षण का प्रयोग कहां करें। नौकरी तो सरकार निकाल ही नहीं रही। ढाई साल में जीरो टाॅलरेंस की जगह नौकरियां ही जीरो कर डाली। जो हुई भी उनके रिजल्ट में ही घपला है। एक घर से ही दो-दो, तीन-तीन समीक्षा अधिकारी बन जा रहे हैं। होनहार इतने कि गलत-सही से लेकर सबने सवालों के जवाब भी बराबर दिए हैं। सरकार कह रही हैं कि जीरो टाॅलरेंस है। आप ही निर्णय करें। 

प्रधानमंत्री जी...आॅल वैदर रोड तो ठीक है...पर सेनपति से कहिए कि गांव की टूटी सड़कों को भी ठीक करावा दीजिए। पानी के नलखे सूखे रहते हैं। उनमें पानी की बूंदें उतरवा दीजिए। जिस जगह से खड़े होकर आप प्रवचन देंगे। वो शहर पहाड़ के मेहनकश युवाओं की मेहनत की कब्र है। उनकी मेहनत को कब्र से बाहर निकालकर, उनको मेहनत का हक दिला दीजिए। पहाड़ को पहाड़ बनाने का मंत्र दीजिए। 

प्रधानमंत्री जी...सेनापति ने इनवेस्टर समिट से पहाड़ों को बेचने की तैयारी कर ली है। होम स्टे को होटल स्टे बनाने का फरमान पहले ही दे चुके हैं। निवेश के नाम पर जमीनें बेचने का इंतजाम किया है। पलायन आयोग, पलायन करके देहरादून आ गया है। पलायन आयोग जरूर बना, पर नीति बनने का पता नहीं है। पहाड़ और तेजी से खाली हो रहे हैं। सुबेदार से कहिए कि पहाड़ को थाम लो...वरना उसके नीचे दब जाओगे...। 

प्रधानमंत्री जी...जो प्रदेश ड्राई स्टेट हैं...माने जहां शराब नहीं मिलती। उन राज्यों में सरकारें भी नहीं चल रही होंगी क्या? जरूर चल रही होंगी। कच्ची से कई मर चुके हैं। पहाड़ के गांवों में स्कूल बंद किए जा रहे हैं और शराब के ठेके खोले जा रहे हैं। हमें भी ड्राई करवा दीजिए। सुबेदार से बोल दीजिए कि किसी दिन किसी ने घात-जैंकार कर दी तो जीवनभर दोष ही पूजते रहोगे...बाकी आपतो सर्वज्ञ हो...। कृपा दृष्टि बनाए रखिएगा। 
                                                                                                                        आपका......प्रदीप रावत (रवांल्टा)

प्रधानमंत्री जी नमस्कार...आज वैलेनटाइन-डे है...बल प्रधानमंत्री जी नमस्कार...आज वैलेनटाइन-डे है...बल Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Wednesday, February 13, 2019 Rating: 5

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