प्रधान सेवक जी हमें अभिनंदन चाहिए, आपका वंदन नहीं

आदरणीय,
प्रधान सेवक जी
सादर नमस्कार...

प्रधान सेवक जी। आपको दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता माना जाता है। आप इन दिनों सबसे ताकतवर भी हैं, लेकिन किसके दम पर...? इस सवाल का जवाब आपको अच्छी तरह पता होगा। दो हैं, जिनके दम पर आप ताकतवर होने का दंभ भरते हैं। पहले सेना के जवान और दूसरी जनता। आप दोनों को ही समझने का प्रयास नहीं कर रहे। आप जनता का वंदन करके अपने पक्ष में तो कर सकते हैं, लेकिन हमेशा के लिए अपनी मुट्ठी में नहीं कर सकते। हमें फिलहाल आपका वंदन नहीं, बल्कि पाकिस्तान के कब्जे में जो हमारा अभिनंदन है। उसे वापस ला दीजिए बस...। 


फिलहाल परिस्थियां भी आपके पक्ष में हैं। हो सकता है कि आप फिर से प्रधान सेवक बन जाएं, लेकिन जिस तरह से आपके नेताओं के बयान आ रहे हैं। वो बेहद शर्मनाक हैं। येदुरप्पा कह रहे है कि माहौल राष्ट्रवाद का है। देश भावनाओं में बह चला है। चलो बहती गंगा में हाथ धोने वाली कहावत को चरितार्थ कर दें। कुछ दूसरे नेता भी कह रहे हैं कि इस राष्ट्रवाद के माहौल को वोट में बदल डालो। आप भी वही कर रहे हैं। देशभर में अभिनंदन को वापस लाने के लिए लोग प्रार्थना कर रहे हैं और आप वोटों के लिए युवाओं के वंदन में जुटे हैं
ये ठीक नहीं है। 

पुलवामा अब और ना हो। इसका बंदोबस्त किया जाना चाहिए था, लेकिन आप अपने लिए वोटों को बंदोबस्त करने में जुटे हैं। पुलवामा हमले को लेकर राष्ट्रीय शोक नहीं किया गया। हिन्दुस्तान की जितनी भी राजनीतिक पार्टियां हैं, आम लोग हैं। हिन्दु, मुस्लिम, सिख हों या फिर इसाई। हर किसी ने देश के शहीदों के परिवारों के लिए अपनी कमाई का एक हिस्सा दान किया। आपने जनसभा की और आपकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शिव सेना से गठबंधन। क्या इसे सही कहा जा सकता है? 

देश के जवानों ने एयर स्ट्राइक की। अगले दिन पाकिस्तान ने हम पर हमले की हिमाकत की आपने क्या किया...?चुनावी सभा। आपको 100 रैलियां जो पूरी करनी हैं। आपने भी राजस्थान के चुरु में एयर स्ट्राइक को अपने भाषण के जरिए भुनाने का प्रयास किया। इससे तो एक बात साफ है कि ये आपकी पार्टी की रणनीति है कि वर्तमान में जो माहौल है। उसका लाभ वोटों के लिए लिया जा सकता है। आप 2019 के चुनावी रण में अपनी जीत पक्की करना चाहते हैं। आखिर आप देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं?

मोदी जी युद्ध छोड़िये, अभिनंदन को वापस लाइए...ये मैसजे सोशल मीडिया पर दौड़ रहा है। आपके डिजीटल मीडिया की तर्ज पर, इस मोबाइल से उस मोबाइल तक। इस उम्मीद के साथ कि मैसेज आप तक पहुंचे और आप वोटों के लिए जनता का वंदन छोड़कर हमारे जबांज अभिनंदन को वापस ला दें। हम जानते हैं कि पाकिस्तान जेनवा संधी के तहत उनको छोड़ देगा, लेकिन ये नहीं जानते कि उनके साथ धूर्त पाकिस्तान क्या वर्ताव करेगा। 1999 और 1971 में भी हम ऐसी परिस्थियों का सामना कर चुके हैं।
जय हिन्द..., भारत माता की जय।
                                                                                  ...प्रदीप रावत (रवांल्टा)
प्रधान सेवक जी हमें अभिनंदन चाहिए, आपका वंदन नहीं प्रधान सेवक जी हमें अभिनंदन चाहिए, आपका वंदन नहीं Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, February 28, 2019 Rating: 5

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