उत्तराखंड पुलिस का नया कानून: माफीनामा लो और मामला रफा-दफा करो

पहाड़ समाचार...
   ...उत्तराखंड पुलिस को भाजपा नेता संजय कुमार से माफीनामा लेकर मामले को रफा-दाफा कर देना चाहिए। संजय कुमार ही क्यों...? हर उन छेड़छाड़ और उत्पीड़न के आरोपियों से माफीनाम लेकर माफ कर देना चाहिए, जो माफी मांगना चाहते हैं। ये उन लोगों का समर्थन नहीं है, जो गलत करते हैं, यह बताने के लिए है कि पुलिस के  जिस अफसर को सजा मिलनी चाहिए थी, उसे पोस्टिंग दी गई। क्या पुलिस ने खुलेआम कानून की धाज्जियां नहीं उड़ाई...? आपको नहीं लगता कि परीक्षित कुमार पर भी उसी तरह कार्रवाई की जानी चाहिए, जैसा काननू में प्रावधान किया गया है...? जैसा पुलिस आम लोगों के साथ करती है। परीक्षित कुमार को इसलिए माफ कर दिया गया कि क्योंकि उनके पास पुलिस की नौकरी की दिव्य शक्ति है...।


एएसपी परीक्षित कुमार सीओ सीटी से अब उप सेनानायक 46वीं वाहिनी पीएसी उधमसिंह नगर बन गए हैं। दो दिन पहले तक परीक्षित कुमार प्रदेशभर में चर्चा में थे। किसी अच्छे काम के लिए नहीं, बल्कि महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ के कारण चर्चा में थे। उनके खिलाफ जांच कमेटी ने जांच बिठाई। जांच में मामला सही पाया गया। उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। फिर अचानक से परीक्षित कुमार ने माफी मांग ली और शिकायत करने वाली महिला कांस्टेबल ने माफ भी कर दिया। मामला रफा-दफा। क्या यह सही है...? क्या ये सब कानून के दायरे में है...?

सवाल यहीं से उठने शुरू होते हैं। पहला सवाल यह है कि क्या महिला कांस्टेबल ने वास्तव में परीक्षित कुमार को माफ कर दिया या फिर उनको डरा-धमका कर मामले को दबा दिया गया। पहले ही पुलिस ने करीब 10 दिनों तक शिकायत मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की थी। सवाल यह है कि अगर कानून के दायरे से बाहर जाकर माफीनामे के कानून से माफी मिल जाती है। अपराध धुल जाता है, तो फिर ऐसे दूसरे अपराधियों को भी माफ कर देना चाहिए। 

माफीनामे का उत्तराखंड पुलिस को एक कानून बना देना चाहिए। उसी कानून से सब फैसले हुआ करें। उत्तराखंड सरकार को भी पुलिस के इस माफीनामें को संज्ञान लेना चाहिए। सवाल ये है कि क्या सरकार को महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ कर माफी मांग लेने से सबकुछ ठीक हो जाएगा...? क्या पुलिस इस तरह से एक गलत परिपाठी की शुरूआत नहीं कर रही है। अगर हां तो परीक्षित कुमार को कानूनी सजा क्यों नहीं दी गई...? क्या ओ कानून से ऊपर हैं...? अगर नहीं तो उनपर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया...? इन सवालों के जवाब तो मिलने ही चाहिए। 
                                                                                                                                ... प्रदीप रावत (रवांल्टा)

उत्तराखंड पुलिस का नया कानून: माफीनामा लो और मामला रफा-दफा करो उत्तराखंड पुलिस का नया कानून: माफीनामा लो और मामला रफा-दफा करो Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Wednesday, January 09, 2019 Rating: 5

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