प्रियंका की कुंडली में हैं कई राज, ज्योतिष की जुबानी, प्रियंका की कहानी

हल्लद्वानी : प्रियंका गांधी को कांग्रेसका महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद से ही प्रियंका गांधी की शख्सियत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं, आंकलन और कयास सोशल मीडिया और रेगुलर मीडिया में भी जोर से लगाए जा रहे हैं । इसको देखते प्रयास किया गया कि क्यों ना उनकी कुंडली खंगाली जाए। उसमें देखा जाए कि उनकी कुंडली क्या कहती है...?

प्रियंका गांधी  के व्यक्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनकी अपनी दादी स्वर्गीय इंदिरा गांधी  की शक्ल से समानता को बताया जा रहा है। ज्योतिष का विद्यार्थी होने के नाते इस पहलू की तुलना करने का मन में विचार आया और स्वर्गीय इंदिरा गांधी की कुंडली पर वर्ष 1992  में लिए गए कुछ नोट्स पुरानी डायरी में मिल गए  ।फिर गूगल महाराज की शरण में जाकर प्रियंका गांधी जिनका जन्म दिन 12 जनवरी 1971 समय 17:48 जन्म स्थान नई दिल्ली बताया गया की कुंडली का विश्लेषण किया गया, तो सबसे अधिक चौंकाने वाला तथ्य यह आया कि स्वर्गी इंदिरा गांधी और प्रियंका गांधी  दोनो कीकुंडली का जन्म लग्न कर्क आया लग्न में इंदिरा गांधी के शनि तो प्रियंका गांधी के दशम स्थान का शनि महत्वपूर्ण बन गया। 

यद्यपि प्रियंका का शनि नीच का है। लेकिन पंचमेश शुक्र से उसका प्रबल नीच भंग हो गया है, जिस कारण चिंता जैसी बात नहीं ।मंगल और राहु में भी दृष्टि की समानता पाई गई साथ ही प्रभावशाली पक्ष्र दोनों ही कुंडलियों में गुरू नवम  दृष्टि से चंद्रमा को देख कर गजकेसरी योग बना रहा है । जो व्यक्ति को धैर्यवान /विद्वान बना देता है। 

जनता के स्थान यानी चतुर्थ में शनि और राहु की पूर्ण दृष्टि प्रियंका गांधी को वंचित वर्ग का हितैषी बना देगी जिससे वंचित वर्ग के पक्ष में वे बड़े फैसले लेते दिखाई देंगी यह कारण उन्हें राजनीति में राहुल की तुलना में अधिक लोकप्रिय बना देगा। वर्तमान में शुक्र की महादशा में शनि के अंतर तथा मंगल के प्रत्यंतर जो कि 17 जनवरी 2019 से प्रारंभ हुआ में  प्रियंका गांधी के बहुत दिनों की ना ना को राजनीति के लिए अचानक हां में तब्दील कर दिया। 
चतुर्थ का यह मंगल राजनीति में प्रियंका गांधी के तेवरों को आक्रमक रखेगा। 28 जनवरी से 28 फरवरी के मध्य  राहु का प्रत्यंतर कुछ बड़े सार्थक गठबंधन करने में सफल करेगा लेकिन 19 मार्च से अप्रैल प्रथम सप्ताह के मध्य विपक्ष बड़ी घेराबंदी करने में कामयाब हो सकते हैं। जिससे वह उबर जाएंगीं ।कुल मिला कर यह मिश्रित सफलता का वर्ष रहेगा और कालांतर में बड़ी सफलताओं की ओर बढ़ जाएंगे ।

भारत के अधिकांश प्रधानमंत्री जब प्रधानमंत्री बने तो उस वक्त नवमेश ,पंचमेश और चतुर्थ की दशाओं का संबंध किसी न किसी रूप में पाया गया ।  स्व ० राजीव गांधी इस योग के  अपवाद रहे .यह समय प्रियंका गांधी की कुंडली में नवंबर 2030 के बाद देखा जा रहा है।
 नोट : ज्योतिष कोई भी विज्ञान नहीं है, यह नक्षत्रों का संकेत शास्त्र भर है.. इसमें मत अंतर होने की पूर्ण संभावना है।


                                                                                                     ....पीके शाह
प्रियंका की कुंडली में हैं कई राज, ज्योतिष की जुबानी, प्रियंका की कहानी प्रियंका की कुंडली में हैं कई राज, ज्योतिष की जुबानी, प्रियंका की कहानी Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, January 24, 2019 Rating: 5

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