108 और खुशियों की सवारी के थमे पहिए, मरीजों की फूली सांसें


देहरादून: प्रदेशभर में आज से 108 कर्मचारीयों ने सामूहिक कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया है। दरअसल, अपनी कई मांगों को लेकर 108 कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान किया है। 108 सेवा ठप होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों पर इसका खासा असर देखने को मिल सकता है। 

 दरअसल, उत्तराखंड 108 कर्मचारी संघ ने अक्तूबर और नवंबर माह का वेतन और छह माह से भत्ते समेत अन्य मागों को लेकर दो जनवरी से प्रदेशभर में हड़ताल की चेतावनी दी थी। बीते सोमवार कंपनी ने दोनों माह का वेतन और विभिन्न भत्तों के भुगतान कर दिया था। कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें दो माह का वेतन तो मिल गया, लेकिन भत्ते अभी तक नहीं मिले। इसके अलावा भी अन्य कई मांगों को लेकर कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान किया है।

 कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर 108 के प्रभारी मनीष टिंकू ने इस हड़ताल को पूरे तरीके से एक अनूचित दबाव बताया है। उनका कहना है कि सभी कर्मचारियों की सभी मांगों को पहले ही पूरा कर दिया गया है। उनकी मुख्य मांग थी कि उनके दो महीने का वेतन दिया जाए जो पहले ही दिया जा चुका है साथ ही अन्य कुछ  मांगों को भी पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अगर र्मचारी समय से काम पर वापस नहीं लौटे, तो उनको बर्खास्त कर  दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि 108 को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार की तरफ से कुछ कर्मचारियों की मांग की गई है, जिससे 108 सेवा ठप न हो।



108 और खुशियों की सवारी के थमे पहिए, मरीजों की फूली सांसें 108 और खुशियों की सवारी के थमे पहिए, मरीजों की फूली सांसें Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Wednesday, January 02, 2019 Rating: 5

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