विधानसभा गेट पर हंगामा, पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, सत्र स्थगित : पहाड़ समाचार

देहरादून...
विधानसभा का सत्र आज विधानसभा के गेट पर लाइन हाजिर हो गया। विधानसभा के गेट पर तैनात पुलिस कर्मी विधायक को नहीं पहचानते। वो कहते हैं, मैं विधायक हूं। पुलिस वाले कहते हैं, हम नहीं जानते। विधायक निजी वाहन में थे। इसको लेकर विवाद हो गया। मामले ने तूल पकड़ा। दोनों पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया और तीन दिनों के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन भी शाम छह बजे तक, लगभगभ पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया, या यूं कहें कह लीजिये कि लाइन हाजिर हो गया
सत्र के साथ जनता की उम्मीदें भी सस्पेंड हो गईं।

विधानसभा गेट पर कांग्रेस ने धरना दिया...। सदन विधायकों का होता है। जब विपक्ष के विधायक ही सदन में नहीं पहुंचे तो सदन को छह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में आज न्यायालय शुल्क (उत्तराखंड संशोधन)  विधेयक और उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश शीरा नियंत्रण अधिनियम, 1964) अनुकूलन और उपांतरण आदेश संशोधन विधेयक। उत्तराखंड माल एवं सेवाकर (संशोधन) विधेयक, उत्तरखंड (उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959) संशोधन विधेयक, उत्तराखंड नगर निकायों एवं प्राधिकरणों के लिए विशेष प्राविधान विधेयक और उत्तराखंड सेवा निवृति लाभ (संशोधन) विधेयक अधिनियम बनने थे।
 
इसके अलावा उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950) अनुकूलन एवं उपांतरण आदेश 2001 संशोधन अध्यादेश को पटल पर रखा जाना था। यह अध्यादेश सरकार ने इन्वेस्टर्स समिट के बाद निवेशकों को पर्वतीय जनपदों में आकर्षित करने के लिए लाया था। साथ ही लोकसेवा  आयोग के वार्षिक प्रतिवेदन और सेवा का अधिकार अधिनियम के अधीन उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन पटल पर रखा जाना है। 

ये सभी विधेयक और अधिनियम खासे महत्वपूर्ण हैं। सदन चलता तो, इन पर गंभीरता से चिंतन और मनन किया जाता। पक्ष और विपक्ष के सवालों और जवाबों के बाद कुछ अच्छी बातें निकलकर आती, लेकिन पुलिस कर्मियों के विधायक को गेट पर रोकने से सभी विधेयक भले ही पटल पर रख दिए जाएं और अधिनियम भी बना दिए जाएं, लेकिन जनता जिन उम्मीदों से अपने प्रतिनिधियों को सदन भेजती है। उनकी उम्मीदें तो, कम से कम इस हंगामें से सस्पेंड हो गई। 

विपक्ष का आरोप भी यही है। वरिष्ठ विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि ये सब सरकार का षडयंत्र है। सरकार नहीं चाहती की सदन चले। विपक्ष की नेता इंदिर हृदयेश ने भी कहा कि सरकार ने जानबूझकर इस तरह का हंगामा खड़ा कराया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि पुलिस कह रही है कि प्राइवेट गाड़ी को अंदर नहीं जाने दिया जा सकता। उन्होंने सवाल किया कि फिर अधिकारियों की प्राइवेट गाड़ियां कैसे अंदर आ गई। उनको क्यों नहीं रोका गया। कुछ और लोगों की गाड़ियां भी विधानसभा के भीतर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि सदन चले। अपनी मर्जी से जो मन में आए करे...। इसलिए ये सब किया गया। मामले की जांच होनी चाहिए। 
विधानसभा गेट पर हंगामा, पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, सत्र स्थगित : पहाड़ समाचार विधानसभा गेट पर हंगामा, पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, सत्र स्थगित : पहाड़ समाचार Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Wednesday, December 05, 2018 Rating: 5

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