अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर मुकदमा दर्ज, भारत में नहीं कर सकते कल्पना

वॉशिंगटनः सीएनएन ने अपने रिपोर्टर पर प्रतिबंध को लेकर मुकदमा दायर किया है। सीएनएन ने मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया और आरोप लगाया कि व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति से बहस के बाद रिपोर्टर जिम एकोस्टा के प्रेस दस्तावेज निरस्त कर संविधान के तहत पत्रकार को प्रदत्त अधिकारों का हनन किया है। मालूम हो कि संवाददाता सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अकोस्टा के बीच तीखी नोंकझोंक होने के एक दिन बाद एकोस्टा पर यह कार्रवाई की गई थी। भारत में इस तरह के मुकदमें की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।

समाचार नेटवर्क ने वाद की घोषणा करते हुए एक बयान में कहा, श्इन दस्तावेजों को गलत तरीके से निरस्त करना प्रेस की स्वतंत्रता के सी एन एन और एकोस्टा के प्रथम संशोधन अधिकार तथा नियत प्रक्रिया के पांचवें संशोधन अधिकार का उल्लंघन है। बयान में कहा गया, हमने अदालत से आदेश पर तत्काल रोक लगाने तथा जिम का पास लौटाने का आग्रह किया है और हम इस प्रक्रिया के तहत स्थाई राहत मांगेंगे।

पिछले हफ्ते बुधवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सीएनएन के प्रमुख व्हाइट हाउस संवाददाता जिम अकोस्टा के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। व्हाइट हाउस ने अकोस्टा के बर्ताव को श्खराब और अपमानजनक करार दिया था। अकोस्टा और ट्रंप के बीच कहासुनी उस वक्त हुई जब सीएनएन संवाददाता ने बैठ जाने के राष्ट्रपति के निर्देश को नहीं माना और अमेरिकी सीमा की तरफ बढ़ रहे मध्य अमेरिकी प्रवासियों के कारवां पर उनकी राय जानने के लिए लगातार सवाल करते रहे।

अकोस्टा का पास निलंबित किये जाने पर ट्रंप प्रशासन और मीडिया के बीच तनाव बढ़ गया। करीब एक घंटे छब्बीस मिनट तक चली प्रेस कान्फ्रेंस में ट्रंप ने इस तरह से सवाल पूछने के लिए संवाददाता को ‘अभद्र’ कहा। ट्रंप ने संवाददाता सम्मेलन में सबसे पहले जिन पत्रकारों को सवाल पूछने के लिए कहा, अकोस्टा उनमें थे। अकोस्टा ने कहा, मैं चुनाव प्रचार के आखिर में दिये गये आपके एक बयान को चुनौती देना चाहता हूं। उन्होंने कहा  कि आप जानते हैं, कारवां हमला नहीं है। यह मध्य अमेरिका से अमेरिकी सीमा की ओर बढ़ रहे प्रवासियों का एक समूह है।

ट्रंप ने चुटीले अंदाज में जवाब देते हुए कहा, जानकारी देने के लिए शुक्रिया। मैं इसका स्वागत करता हूं। इस तरह धीरे-धीरे यह सवाल-जवाब तनावपूर्ण होता चला गया और ट्रंप ने कहा, ईमानदारी  से आपको मुझे देश चलाने देना चाहिए। आप सीएनएन चलाइए। और अगर आप सही से ऐसा करते हैं तो आपकी रेटिंग और बेहतर होगी। गुस्से में दिख रहे ट्रंप ने कहा, बहुत  हो गया। सीएनएन ने अकोस्टा का बचाव करते हुए कहा ट्रंप प्रशासन के फैसले को ‘लोकतंत्र के लिए खतरा’ बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर मुकदमा दर्ज, भारत में नहीं कर सकते कल्पना अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर मुकदमा दर्ज, भारत में नहीं कर सकते कल्पना Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Wednesday, November 14, 2018 Rating: 5

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