सूचना अधिकार में खुली सरकार की पोल, सांसदों को निधि जारी करने में कंजूसी

नई दिल्ली : देशभर में किसी भी लोकसभा सांसद को सितम्बर 2018 तक वित्तीय वर्ष 2018-19 की सांसद निधि की कोई किस्त भारत सरकार से जारी नहीं हुई। केवल 209 लोकसभा सांसदों को ही 8-8 किस्तें उपलब्ध हुई है जबकि सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने में कुछ माह शेष है।यह खुलासा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने भारत सरकार के सांसद निधि जारी करने वाले नोडल मंत्रालय संख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय से सूचना मांगने से हुआ है। श्री नदीम ने वर्तमान सांसदों को भारत सरकार से सांसद निधि उपलब्ध कराये जाने सम्बन्धी सूचनायें मंत्रालय के केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी से मांगी थी। मंत्रालय के केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी ने सूचनाओं के एमपीलेडस वेबसाइट पर उपलब्ध होने के लिंक का विवरण दिया। 

देश में 209 लोकसभा सांसदों को सांसद निधि की 8 किस्तें जारी हुई है जिसमें उत्तराखंड से केवल एकमात्र नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी शामिल है। 153 लोकसभा सांसदों को 7 किस्तें जारी हुई है जिसमें उत्तराखंड के हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक शामिल है। 79 लोकसभा सांसदों को 6 किस्ते जारी हुई है। 73 लोेकसभा सांसदों को 5 किस्तें जारी हुई हैं, जिसमें उत्तराखंड से टिहरी गढ़वाल सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह शामिल है। 22 लोकसभा सांसदों को 4 किस्ते जारी हुई है, जिसमें अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा, गढ़वाल सांसद भुवन चन्द्र खंडूरी शामिल हैं। 6 सांसदों को केवल 3 किस्तें तथा 2 सांसदों को केवल 2 और 1 लोकसभा सांसद को केवल एक किस्त जारी हुई है। 

नदीम को उपलब्ध मनोनीत सांसदों सहित 548 लोकसभा सांसदों की सांसद निधि विवरण के अनुसार इन सांसदों को ढाई-ढाई करोड़ रूपये की सांसद निधि की 3693 किस्ते जारी हुई है, जबकि प्रति सांसद 10 किस्तों के हिसाब से 5480 किस्ते उपलब्ध होनी चाहिए जो कुल जारी होने योग्य सांसद निधि का 67 प्रतिशत है। नदीम ने बताया कि सांसद निधि नियम के अनुसार सांसद निधि की पिछली किस्त के प्रयोग का विवरण व प्रमाण उपलब्ध होने पर ही अगली किस्त जारी होती है। राज्यवार सांसद निधि जारी होने में सर्वाधिक 80 प्रतिशत सांसद निधि जारी होने वाले राज्यों में अरूणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड शामिल है जबकि दूसरे स्थान पर 77 प्रतिशत सांसद निधि जारी होने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ तथा पंजाब शामिल है। तीसरे स्थान पर 76 प्रतिशत सांसद निधि जारी होने वाले राज्यों में हरियाणा तथा मध्य प्रदेश शामिल है। चैथे स्थान पर 74 प्रति सांसद निधि तमिलनाडु, पांचवे स्थान पर 72 प्रतिशत सांसद निधि गुजरात तथा छठे स्थान पर 71 प्रतिशत उड़ीसा के सांसदों को जारी हुई है। सातवें स्थान पर 70 प्रतिशत सांसद निधि जारी होने वाले राज्यों में पश्चिमी बंगाल, अंडमान एवं निकोबार, चंडीगढ़, लक्ष्यद्वीप, सिक्किम, उत्तर प्रदेश के सांसद शामिल है। आठवें स्थान पर 69 प्रतिशत सांसद निधि असाम के सांसदों को जारी हुई है। नवें स्थान पर 67 प्रतिशत सांसद निधि जारी वाला राज्य राजस्थान है। 

दसवेें स्थान पर केरल को 66 प्रतिशत, ग्यारहवें स्थान पर बिहार को 65 प्रतिशत, बारहवें स्थान पर महाराष्ट्र तथा कर्नाटक को 64 प्रतिशत, तेहरवें स्थान पर झारखंड को 63 प्रतिशत , चैदहवें स्थान पर पाण्डेचेरी को 60 प्रतिशत, पन्द्रहवें स्थान पर आंध्र प्रदेश को 59 प्रतिशत, सोलहवें स्थान पर जम्मू एवं कश्मीर, तेलंगाना के सांसदों को 58 प्रतिशत, सत्रहवें स्थान पर उत्तराखंड के सांसदों को 56 प्रतिशत, अठारहवें स्थान पर दादर एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव तथा त्रिपुरा के सांसदों को 50 प्रतिशत, उन्नीसवें स्थान पर गोवा के सांसदों को 45 प्रतिशत तथा बीसवें स्थान पर दिल्ली के सांसदों को 39 प्रतिशत सांसद निधि ही 4 सितम्बर 2018 तक जारी हुई है।

सूचना अधिकार में खुली सरकार की पोल, सांसदों को निधि जारी करने में कंजूसी सूचना अधिकार में खुली सरकार की पोल, सांसदों को निधि जारी करने में कंजूसी Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Friday, November 23, 2018 Rating: 5

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