राम मंदिर पर संघ की शरण में पहुंचे अमित शाह, संघ ने कहा अध्यादेश लाना चाहिए

मुबंई: राम मंदिर बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे विरोधियों के इन आरोपों से आरएसएस और बीजेपी पर दबाव बढ़ गया है. खबर है कि सर संघचालक मोहन भागवत और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मुंबई में इस पर लंबी माथापच्ची की. संघ और उससे जुड़े संगठन अचानक राममंदिर के लिए कानून बनाने की बात करने लगे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई अगले साल तक के लिए टालने के बाद इस बारे में शोर ज्यादा ही बढ़ गया है. दोनों के बीच बंद दरवाजों में यह बैठक एक घंटे से ज्यादा देर तक चली. संघ की बैठक के बाद संघ के सहकार्यवाह भैय्याजी जोशी ने वही पुरानी लाइन ही पकड़ी कि कोर्ट फैसला देते वक्त हिंदू समाज की भावनाओं का ख्याल रखेगा. लेकिन कोई विकल्प नहीं बचा तो अयोध्या पर अध्यादेश लाना चाहिए.


भागवत और शाह की मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरएसएस नेता भैयाजी जोशी ने कहा कि रामलला सबके दिल में विराजमान है. सबकी इच्छा है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने, हालांकि, इसमें कानूनी बाधाएं भी हैं. न्यायालय हिन्दू समाज की भावनाएं ध्यान में रखकर निर्णय लेगा. सुप्रीम कोर्ट में भी निर्णय लंबा इंतजार हो गया. 3 जजों की बेंच से लगा की निर्णय आएगा, पर दुर्भाग्य से कार्यकाल समाप्त हो गया. 29 अक्टूबर पर अपेक्षा थी कि दिवाली से पहले शुभ समाचार मिलेगा लेकिन, न्यायालय ने इसे टाल दिया, यह उनके अधिकार क्षेत्र में है. करोड़ों हिंदुओ के भावनाओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए इसे अग्र क्रम में नहीं रखा गया, इससे हिन्दू समाज अपमानित महसूस कर रहा है. कोर्ट को इस विषय पर पुनः विचार करना चाहिए. कानून बनाना, अध्यादेश लाना यह सरकार का अधिकार है. अगर कोई विकल्प नहीं बचा तो अध्यादेश लाना चाहिए.

बीते सितंबर महीने में बीजेपी चीफ अमित शाह ने कहा था कि उनकी इच्छा है कि राम मंदिर का निर्माण 2019 से शुरू हो जाना चाहिए. उन्होंने कहा था कि विवादित जमीन के मालिकाना हक के बारे में फैसला करते हुए इस बात को किनारे नहीं किया जा सकता कि भगवान राम के जन्मस्थल पर स्थित उनके मंदिर को गिराया गया है. शाह ने कहा कि हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए कि 600 साल पहले अयोध्या में राम मंदिर को गिराया गया था.

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के 93वें स्थापना दिवस पर वार्षिक विजयादशमी संबोधन में मोहन भागवत ने राम मंदिर मामले को उठाया था. उन्होंने कहा, ष्राम मंदिर रामजन्मभूमि पर जल्द से जल्द बनाया जाना चाहिए. अब इसमें देरी नहीं करनी चाहिए. इसपर निर्णय जल्द से जल्द लेना चाहिए. हमारा कहना है कि सरकार को कानून लाना चाहिए और राम मंदिर का निर्माण करवाना चाहिए. इस संबंध में संतों का जो भी निर्णय होगा, हम उसके साथ खड़े होंगे.

उन्होंने कहा, भगवान राम किसी समुदाय के नहीं है. वह हिंदुओं और मुस्लिमों के नहीं हैं. वह भारत के प्रतीक हैं. उनके मंदिर का निर्माण अवश्य ही होना चाहिए, चाहे किसी भी तरह हो. सरकार को कानून लाना चाहिए. केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने राम मंदिर मुद्दे को लेकर हाल ही में एक बयान दिया था. इस बयान में उन्होंने कहा था कि राम मंदिर मुद्दे को लेकर हिंदुओं का धैर्य जवाब दे रहा है. उन्होंने कहा कि श्रीराम हिंदुओं की आस्था की आधारशिला हैं.
राम मंदिर पर संघ की शरण में पहुंचे अमित शाह, संघ ने कहा अध्यादेश लाना चाहिए राम मंदिर पर संघ की शरण में पहुंचे अमित शाह, संघ ने कहा अध्यादेश लाना चाहिए Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Friday, November 02, 2018 Rating: 5

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