GoM वि‍शाखा गाइडलाइन पर करेगा #MeToo मामलों की जांच...जानें क्‍या है वि‍शाखा गाइडलाइन

नई दिल्ली : मी टू अभियान के बाद हर दिन नए नए मामले सामने आ रहे हैं। इसी अभि‍यान के तहत घि‍रे विदेश राज्यमंत्री एम.जे अकबर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इन सबके बीच यौन उत्पीड़न की खबरों का संज्ञान लेकर सरकार ने मंत्रियों के समूह (जीओएम) को गठित की है, जिसकी अगुवाई गृहमंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। जीओएम में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और निर्मला सीतारमण सदस्य होंगी। यह समूह तीन महीने में रिपोर्ट देगी। बता दें कि यौन शोषण और यौन उत्पीड़न के मामले में विशाखा कानून का प्रावधान है। लेकिन, सरकार के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 


ये है विशाखा गाइडलाइन
  1. यदि किसी महिला पर अश्लील इशारे या अश्लील साहित्य दिखाया जाता है या ऐसा करने की कोशिश की जाती है तो महिला को शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है।
  2. जिस किसी भी कंपनी या संस्थान में इस तरह की घटना होती है या शिकायत मिलती है को संबंधित संस्थान को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है इस संबध में तत्काल पीड़ित की अर्जी पर सुनवाई होनी चाहिए।
  3. हर कंपनी या संस्थान में एक कमेटी बनाई जाएगी जिसकी अध्यक्षता सिर्फ महिला होगी और उस कमेटी में भी आधी सदस्य महिलाएं होंगी। 
  4. निजी कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि वो यौन शोषण और यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए विशेष निर्देश दें।
  5. यदि कार्यस्थल पर अगर सीनियर या सहकर्मी महिला कर्मचारी के साथ यौन संबंध बनाने का प्रस्ताव रखता है तो पीड़ित महिला शिकायत दर्ज करा सकती है। 
  6. महिला कर्मचारी के कपड़ों या शारीरिक बनावट को लेकर टीका टिप्पणी महिला के अधिकारों के खिलाफ और पीड़ित कर्मचारी शिकायत दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र है उस पर किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए।
GoM वि‍शाखा गाइडलाइन पर करेगा #MeToo मामलों की जांच...जानें क्‍या है वि‍शाखा गाइडलाइन GoM वि‍शाखा गाइडलाइन पर करेगा #MeToo मामलों की जांच...जानें क्‍या है वि‍शाखा गाइडलाइन Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Thursday, October 18, 2018 Rating: 5

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