सीमाओं का वि‍स्‍तार करता ''सीमांत'' से नि‍कला यूथ आई काॅॅॅन अवार्ड


पहाड़ समाचार.com
देहरादून : सीमांत जि‍ले चमोली से 1992 में कला प्रदर्शन-प्रतिभा दर्शन "के.पी.पी.डी." नाम से और 2008 में देहरादून  से के.पी. पी.डी.  यूथ आइकॉन वाई. आई. नेशनल अवार्ड के नाम से दिया जाने वाला राष्ट्रीय सम्मान अब सीमांत की सीमाओं को लांघ कर देशभर में अपनी शाखाएं फैलाने लगा है। उत्‍तराखंड से गुजरात पंहुचने के बाद गुजरात चेप्‍टर बना। वहां से छत्‍तीसगढ़ और अब उत्‍तराखंड चेप्‍टर बन गया है। यूथ आईकॉन अब संस्थापक शशि भूषण मैठाणी पारस ने बताया कि अगले तीन साल के भीतर देशभर के 12 राज्यों के चैप्टर बनाने की दि‍शा में काम कि‍या जा रहा है।

 भरतनाट्यम नृत्यांगना सोनल वर्मा को सर्वाधिक  वोट
संस्थापक नि‍देशक शशि भूषण मैठाणी पारस, संरक्षक पद्मश्री डॉ. आर.के. जैन और अध्यक्ष डॉ- महेश कुड़ियाल पूर्व में ही नेशनल कमेटी में मनोनीत किए  जा चुके हैं। जबकि अब हुए चुनाव में उत्तराखंड चैप्टर में अध्यक्ष पद के लिए मशहूर भरतनाट्यम नृत्यांगना सोनल वर्मा को सर्वाधिक  वोट मिले दूसरे और तीसरे नंबर पर दून इंटरनेशनल स्कूल के उप प्रधानाचार्य दिनेश बर्त्वाल व  समाजसेविका सुनीता पांडेय को उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया । वोटिंग में कुल 55 सदस्यों ने प्रतिभाग किया था। 

जनतांत्रि‍क ढंग से चुनाव
यूथ ऑई कॉन उत्‍तराखंड चैप्‍टर के पदाधि‍कारि‍यों को चुनाव जनतांत्रिक तरीके से हुए। चुनाव के बाद संस्थापक शशि भूषण मैठाणी व  कमेटी के वरिष्ठ सदस्य और संयोजक शिक्षाविद सुशील कुमार सिंह, अतुल बर्तरिया, जगमोहन मेंदीरत्ता ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का सम्मान कर उन्हें उनके पदों पर सुशोभित किया। साथ ही नए जुड़े सदस्यों का भी स्वागत किया गया । 



प्रति‍भाआें का सम्‍मान और युवाओं को प्रेरि‍त करना लक्ष्‍य  
शशि भूषण मैठाणी ने कहा कि अलग-अलग चैप्टर बनाने के पीछे का मकसद इतना मात्र है कि इस सम्मान में पारदर्शिता रहे और हर राज्य में मौजूद प्रतिभाशाली व उत्कृष्ट व्यक्तित्व के धनी व्यक्तियों का सम्मान होता रहे, जिससे समाज में युवाओं को प्रेरित भी किया जा सके। उन्‍होंने कहा कि यूथ आइकॉन अवार्ड योग्यता के आधार पर दिया जाता  है, जिसमें कि कहीं से भी व्यावसायिक मकसद नहीं रहती है और यह बात हर चैप्टर को भी समझनी होगी।

जनसहयोग से होता है समारोह
मैठाणी ने आगे कहा कि सम्मान समारोज जन सहयोग से ही किया जाता है। हर सदस्य यह कोशिश करें कि यदि कोई संस्था या संस्थान हमें मदद करना चाहते हैं तो पहले कोशिश यह हो कि सहयोग कैश या चैक के बजाय काइंड यानी मद  में हो जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। हमारा मकसद धन एकत्रित करना न होकर समाज में सकारात्मक व रचनात्मक कार्यों का सम्पादन होना चाहिए। आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा बौद्धिक एवं रचनात्मक लोगों को यूथ आइकॉन उत्तराखंड चैप्टर से जोड़े जाने दिशा में काम किया जाएगा। इस मौके पर राजेन्द्र जोशी, जगमोहन मेंदीरत्ता, अखिलेश डिमरी, अवनीश प्रेमी, सुशांत चमोली , प्रदीप भट्ट, शालिनी कुड़ियाल, कुमकुम जैन, अनिल सती, वरुण शर्मा , राज कौशिक, अवनीश मलासी, मुकेश सारस्वत, तनुश्री डिमरी, सौरभ सैनी, स्तुति पाण्डेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे । 


सीमाओं का वि‍स्‍तार करता ''सीमांत'' से नि‍कला यूथ आई काॅॅॅन अवार्ड सीमाओं का वि‍स्‍तार करता ''सीमांत'' से नि‍कला यूथ आई काॅॅॅन अवार्ड  Reviewed by पहाड़ समाचार www.pahadsamachar.com on Monday, August 13, 2018 Rating: 5

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